मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
अन्नदाता अपनी फसलों को बचाने के लिए विभिन्न प्रयोग कर रहे हैं लेकिन काफी मशक्कत के बाद सिर्फ साड़ी के बाढ़ बनाने में ही सफल हो रहे हैं। वैसे,किसान कहीं बाढ़ बनाकर तो कहीं रतजगा कर, कहीं बिजूका बनाकर अपनी फसल को बचाने में लगे हुए हैं। किसानों का कहना है कि साड़ी की बाढ़ से कुछ फसल बच जा रही हैं। यह प्रयोग सिर्फ लघु किसान ही कर पा रहे हैं।
नर खेड़ा गांव में सड़क से गुजरते हुए देखेंगे तो अधिसंख्य किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए साड़ियों का बाढ़ बना दिए हैं। पहाड़ी गांव होने के कारण जंगली सूअर रात में आकर उनकी फसलों को चट कर जाते हैं। इसलिए अपने मेहनत और महंगे खाद-बीज जोताई से परेशान किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए हर कवायद कर रहे हैं। अधिकांश किसान घर की महिलाओं की पुरानी साड़ियों को खेत के चारों तरफ बांध दी है। इतनी कवायद बाद किसी तरह फसलों को बचा पा रहे हैं।
इस बारे में किसान नर खेड़ा निवासी ओमप्रकाश लोधी, धनीराम लोधी, भगवान सिंह लोधी ने बताया कि इस समय खेती घाटे की हो गयी है। मेहनत और लागत पर पानी फिर जा रहा है। इस लिए छोटे किसान अपने फसलो को बचाने के लिए खेतो को साड़ी से घेर दिए है। लेकिन बड़े किसान सुअर के साथ छुट्टा पशुओ से बचाने में असफल है।
दीवानगंज क्षेत्र में किसान जंगली जानवरों से परेशान हैं। खेतों में फसलें लहलहाने के बाद सबसे बड़ी चुनौती उन्हें बचाने की आ जाती है। जंगली जानवरों और आवारा मवेशियों से फसलों को बचाने के लिए किसान तरह-तरह के जतन कर रहे हैं। कोई किसान पटाखे फोड़ रहा है तो कोई रात भर पहरेदारी कर रहा है
लेकिन, कुछ किसानों ने अलग ही तकनीक इस्तेमाल की है। उन्होंने खेतों की मेड़ों पर बांस बांधकर पुरानी रंगीन साड़ियां लगा दी हैं। ऐसा लग रहा है, मानों खेतों ने साड़ियां पहल ली हों। कोई भी नया व्यक्ति इन क्षेत्रों में जाता है तो देखते ही हैरान रह जाता है। साड़ियों के अलावा, कुछ जगह फेंसिंग भी की गई है, ताकि फसल सुरक्षित रहें।
फसल को बर्बाद कर देते जानवर
खेतों में इन दिनों रबी की फसलें लहलहा रही हैं। दीवानगंज क्षेत्र के नर खेड़ा,सरार, गिदगड, मुस्काबाद, सत्ती, बांसिया, पिपरई,आदि जंगलों के पास के खेतों के किसान जंगली जानवरों से परेशान हैं। रात के समय जंगली जानवर खेतों में झुंड में घुसकर न केवल फसल को चट कर जाते हैं बल्कि, खेतों में धमाचौकड़ी कर फसल को बर्बाद कर देते हैं। फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए किसानों को रतजगा भी करना पड़ रहा है।
किसान अलग-अलग तरह के कर रहे प्रयोग
जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए कई किसान रात के समय खेतों में पटाखे फोड़ते हैं, जिनकी आवाज से जंगली जानवर तत्काल भाग जाते हैं। लेकिन, मौका पाकर दोबारा खेतों पर धावा बोलते हैं। वहीं कुछ किसानों ने खेतों की मेड़ों पर पुरानी रंगीन साडियां बांध दी हैं। किसानों के अनुसार, यह उपाय करने से जंगली जानवरों को खेत के अंदर की फसल दिखाई नहीं देती है। साथ ही उन्हें ऐसा आभास होता है कि यहां पर कोई मौजूद है, जिसके चलते वह खेतों में नहीं घुसते हैं।
जानवरों को मनुष्य मौजूद होने का आभास होता
किसान बादाम विश्वकर्मा , सुरेश साहू ने बताया कि मेड़ों पर साड़ियां बांधने से जानवर खेतों में नहीं आते, शायद उन्हें किसी के मौजूद होने का आभास होता है।