-सरपंच सचिव नहीं सुन रहे ग्रामीणों की समस्या
-ग्रामीण जान जोखिम में डालकर स्वयं ही कर रहे कुए की सफाई
बक्सवाहा से अभिषेक असाटी
छतरपुर जिले के बक्सवाहा से महज 25 किलोमीटर दूर बाजना गांव इन दिनों भीषण जल संकट की चपेट में है. तहसील से दूरी होने के कारण अधिकारियों द्वारा यहां विशेष रुप से ध्यान नहीं दिया जाता है हर वर्ष यहां ग्रीष्म ऋतु में जल समस्या गहरा जाती है लेकिन सरपंच सचिव की मनमानी से आम जनता अपनी जान जोखिम में डाल कर पानी की पूर्ति करता है ऐसा ही एक मामला बाजना ग्राम के वार्ड नंबर 6 में देखने को मिला जहां रहवासियों को पानी की किल्लत होने के कारण जान जोखिम में डालकर जलापूर्ति की व्यवस्था करने को मजबूर हैं।

दरसल बाजना के विश्वकर्मा मोहल्ला में पानी के उपर्युक्त साधन के लिए एक ही कुआं है. जिसमें गंदगी का अंबार पड़ा है स्थानीय मोहल्ला वासियों के द्वारा पंचायत के सरपंच-सचिव से कई बार कुआं साफ करवाने एवं जल समस्या से निजात दिलाने की मांग की गई परंतु ग्राम के सरपंच-सचिव बेसुध बने रहे हैं।
जिसके बाद कुएं में जमा पड़ा कचरा निकालने का जिम्मा स्वयं ही मोहल्ले वासियों ने उठाया और शनिवार को अपनी जान जोखिम में डालकर कचरे को कुयें से बाहर निकालने में जुट गए।

निश्चित रूप से पानी पाने के लिए विश्वकर्मा मोहल्ले के स्थानीयों की मजबूरी इस बात को दर्शाती है कि ग्राम में जल संकट का अकाल पड़ गया है।
इनका कहना है कि…
“बाजना में जल समस्या से संबंधित मामला आपके द्वारा संज्ञान में आया है, जो लोग अपनी जान जोखिम में डालकर ऐसा कर रहे हैं वह ऐसा ना करें।
एवं कुओं की सफाई के संबंध में, मैं संबंधित पंचायत को लेटर जारी कर निर्देशित करुंगा तथा जलसमस्या से निपटने के लिए वहाँ पर अगर जरूरत पड़ी तो बोर भी करवायें जाएंगे।”
राहुल सिलाडिया, अनुविभागीय अधिकारी बिजावर