पाइप लाइन बिछाने के नाम पर खुदी सडके बनी मुसीबत
देवेन्द्र तिवारी सांची रायसेन
बारिश आने के पहले विभिन्न विभाग अपनी तैयारी शुरु कर देते हैं तथा इस तैयारी मे लाखों रुपये की भेंट चढ जाती हैं तथा पाइप लाइन बिछाने के नाम पर बनी बनाई सडको को खोद डाला गया जो अब बारिश मे नगर वासियों के लिए मुसीबत बन गए है सडको पर लोगों का चलना दुश्वार हो चुका हैं इन सब समस्या से प्रशासन पूरी तरह अनजान बनकर चुप्पी साध कर बैठा है ।
जानकारी के अनुसार इस विख्यात स्थल की व्यवस्था पूरी तरह छिन्न भिन्न हो चुकी हैं इस स्थल पर वाटर प्लान के अंतर्गत नगर मे राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा निर्मित सडक जो सर्विस सडक कहलाती है छोटे वाहन एवं पैदल चलने वाले लोगों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर बनाई गई थी जिसपर से होकर लोग सुरक्षित आवाजाही कर सके परन्तु स्थानीय प्रशासन एवं जिला प्रशासन तथा राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की अनदेखी के चलते पाइप लाइन बिछाने के नाम पर लाखों करोड़ों रुपए से निर्मित सडको को खोद दिया गया जिससे इन सडको पर लोगों का चलना दुश्वार हो चुका है पक्की सडको ने दलदली सडको का रूप ले लिया है राष्ट्रीय राजमार्ग पर हजारों की संख्या मे अंधी रफ्तार से दौडने वाले वाहनों से लोगों की जान जोखिम मे पड चुकी है तथा लोगों को जान का खतरा बढ गया है साथ ही सडको की खुदाई की गई मिट्टी को पाइपलाइन बिछाकर सडको पर ही फैला दिया गया ।जबकि सूत्रों का कहना है की जब कोई भी विभाग सडको की खुदाई करता है तो कार्य निपटने के तत्काल बाद उसे मूलरुप मे निर्मित किया जाकर देना रहता है परंतु इस नगर मे ऐसा कहीं नहीं दिखाई देता । न ही सम्बंधित विभाग ही सुध ले पाते है । परंतु इस गंभीर संकट से निपटने न तो स्थानीय प्रशासन की ही नींद टूट सकी न ही जिला प्रशासन को ही इस विख्यात स्थान की खबर लेने की ही फुरसत मिल सकी ।इस विख्यात स्थल को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है ।।
बारिश पूर्व नगर परिषद द्वारा तैयारी की निकली हवा ।
कहने को तो नगर परिषद प्रशासन बारिश पूर्व बडे जोर शोर से बारिश की तैयारी मे जुटता है तथा इस तैयारी मे लाखों रुपये की भेंट चढा दी जाती है परंतु इन तैयारी की हवा तब निकल जाती है जब बारिश होते ही न तो नाली दिखाई देती हैं न ही सडके ही दिखाई देती है सडको पर गंदगी भरा पानी लगभग दो से ढाई फिट बह निकलता है इस गंदगी भरे पानी से बदबू फैलने से बिमारी फैलने का भी खतरा मंडराने लगता है तथा नगर की पक्की सडके भी पानी से डूबी दिखाई देने लगती है जिससे नगर वासियों के सामने आने जाने की समस्या खडी हो जाती है ।आज बारिश शुरू होते ही रामलीला मैदान की सडक पर लगभग दो से ढाई फिट पानी भर गया तथा इस गंदगी भरे पानी से लोगों को आने जाने की समस्या से जूझना पडा ।बताया जाता है इस नगर मे बीचोबीच एक मदागन तालाब है इस तालाब से पानी निकासी न होने से तथा घनी आबादी वाले क्षेत्र की ओर मिट्टी की कच्ची पार लबालब भरा तालाब का पानी लोगों के घरों मे घुस जाता है जिससे लोगों का लाखों रुपये का कीमती सामान नष्ट हो जाता है इस तालाब फुटने का डर बारिश होते ही लोगों की दहशत बढा देता है ।परन्तु प्रशासन मे बैठे लोगों कै इस गंभीर जलसंकट से कोई सरोकार नहीं रहता हालांकि इस तालाब से पानी निकासी की प्रसासन द्वारा मात्र औपचारिकता भर ही की जाती है इस औपचारिकता से ही जिम्मेदार अपनी जैबे गरम करने मे सफल हो जाते है ।तथा नगरवासियों को सुविधाएं देने मैं नाकाम रहते है । यही कारण रहता हैं जब लोगों को मुश्किलों का सामना करने पर मजबूर होना पडता है ।