इंद्रदेव का अहंकार तोड़ने भगवान श्री कृष्ण ने उठाया गोवर्धन पर्वत
सी एल गौर
मण्डीदीप/रायसेन। औधोगिक शहर मण्डीदीप के दशहरा मैदान पर आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत भागवत कथा के पांचवे दिन गुरुवार को कथा व्यास आध्यात्मिक एवं प्रेरक वक्ता जया किशोरी ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया।
कथा व्यास जया किशोरी ने कहा कि भगवान कृष्ण ने इंद्र देव का अहंकार दूर करने और बृज वासियों की रक्षा करने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठा लिया। इंद्रदेव को अपनी भूल का अहसास हुआ और उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से क्षमा याचना की। बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्रदेव के अहंकार को समाप्त करने के लिए पूरी लीला रची थी। इससे पूर्व कथा में भगवान की माखन चोरी, कालिया नाग मर्दन सहित अन्य प्रसंग श्रवण कराये गए। इस मौके पर विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र के सांसद रमाकांत भार्गव, भोजपुर विधायक सुरेंद्र पटवा सहित बड़ी संख्या में लोग कथा श्रवण करने पहुंच रहे हैं।

सुरमधुर भजनों पर पंडाल में मचता है धमाल- जया किशोरी ने मीठे रस से भरी….काली कमली वाला मेरा यार है…..नंद भवन में उठ रही धूल मोहे प्यारी लगे…आदि भजनों पर कथा पंडाल में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं ने जमकर धमाल मचाया।
6 मई को रुकमणी विवाह-
कथा के छठवें दिन कथा में उद्धव प्रसंग, गोपी गीत सहित रुकमणी विवाह के प्रसंग सुनाए जायंगे।