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भटक रहे मरीज..जांच के लिए लगाने पड़ रहे 200 मीटर से एक किलोमीटर के कई चक्कर

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सरकार… आपकी कृपा से गजराराजा मेडिकल कालेज के जयारोग्य अस्पताल में एक हजार बिस्तर अस्पताल का नया भवन, सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल सहित अनेक आधुनिक सुविधाओं के काम तो हो गए, लेकिन बेसिक और छोटे-छोटे काम ही सुचारू नहीं होने से मरीज और खासकर उनके स्वजन को खासी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। संभाग के सबसे बड़े जयारोग्य अस्पताल में ऐसे ही हालात हैं। यहां मरीज किसी भी विभाग में भर्ती होने जाए। उसे जांच के लिए सैंपल देने तो मेडिकल कालेज, एक हजार बिस्तर अस्पताल की लैब में ही आना पड़ता है। इसके लिए एक किलोमीटर दूर कमलाराजा अस्पताल के बाल एवं शिशु रोग विभाग में भर्ती बच्चे के स्वजन को मेडिकल कालेज और एक हजार बिस्तर अस्पताल की लैब तक दौड़ लगानी पड़ती है। अस्पताल प्रबंधन बेसिक और छोटी व्यवस्थाएं पुख्ता नहीं कर पाया।

न्यूरोसर्जरी-न्यूरोलाजी अस्पताल भवन में भी कई व्यवस्थाएं माकूल नहीं होने से मरीज और स्वजन को परेशान होना पड़ रहा है। सीटी स्कैन जांच कराने के लिए मरीजों को 300 मीटर की दूरी तय कर जांच कराने जाना पड़ता है। वहीं कमलाराजा अस्पताल, न्यूरोसर्जरी, न्यूरोलाजी में भर्ती मरीजों के स्वजन को खून-यूरीन जांच हो या फिर रोज हो रहे ट्रीटमेंट से संबंधित किसी भी काम के लिए 200 मीटर से एक किलोमीटर दूर तक भटकना पड़ता है। अस्पताल प्रशासन ने भर्ती मरीजों के सैंपल ले जाने सहित रिपोर्ट लाने व अन्य काम के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है। ऐसे में सारे कार्यों के लिए स्वजन को ही भटकना पड़ता है।

केस..1

कमलाराजा अस्पताल स्थित बाल एवं शिशु रोग विभाग के पीआइसीयू में छतरपुर निवासी पून्ना का बेटा भर्ती है। भर्ती बेटे की जांच के लिए पून्ना को मेडिकल कालेज से लेकर एक हजार बिस्तर अस्पताल तक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कमलाराजा अस्पताल से मेडिकल कालेज की दूरी एक किलोमीटर और एक हजार बिस्तर अस्पताल की दूरी भी इतनी है। ऐसे में जांच सैंपल देकर आने और रिपोर्ट लाने के लिए स्वजन चक्कर काटने को मजबूर हैं। जांच की व्यवस्था माकूल नहीं होने के कारण स्वजन हर रोज परेशान होते हैं।

केस..2

खनियांधाना निवासी मनीराम को सीटी स्कैन जांच कराने के लिए 300 मीटर की दूरी तय कर माधव डिस्पेंसरी स्थित सीटी स्कैन सेंटर तक आना पड़ा। यहां भर्ती मरीजों के स्वजनों को जांच के लिए मेडिकल कालेज तक के कई चक्कर काटने पड़ते हैं। सीटी स्कैन जांच के लिए मरीजों को स्वजन स्ट्रेचर से लेकर पहुंचते हैं। जिससे मरीजों के साथ स्वजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। जांच की व्यवस्था को बेहतर करने के लिए अब तक अस्पताल प्रबंधन ने कोई प्रबंध नहीं किए हैं।

केस..3

भिंड निवासी प्रतीक भदौरिया के स्वजन सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें ब्लड के लिए ब्लड बैंक तक जाना पड़ा। उनका कहना है कि सुविधाएं बेहतर न होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। पलंग से सैंपल कलेक्शन की सुविधा होना चाहिए।

व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी अस्पताल अधीक्षक के जिम्मे हैं उनसे ही इस मामले को लेकर चर्चा करें।

डा.अक्षय निगम, डीन, जीआरएमसी।

नहीं मिली हैं शिकायत

परेशानी को लेकर अब तक कोई शिकायत नहीं आई है। फिर भी व्यवस्थाओं को बेहतर करने के लिए संबंधितों को निर्देशित किया जाएगा।

डा.आरकेएस धाकड़, अधीक्षक, जेएएच।

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