राशन घाटाला मामले में शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में छापेमारी करने पहुंची ईडी की टीम पर टीएमसी नेता के समर्थकों की भीड़ ने हमला कर दिया। इस हमलें में कई अधिकारियों को चाटें आईं। टीएमसी नेता सहजहान शेख को इस हमले के पीछे का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। ईडी ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए सहजहान के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है।
जानें पूरा मामला?
दरअसल, ईडी की टीम पर उस वक्त हमला किया गया, जब वह राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में उत्तर 24 परगना स्थित संदेशखली में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता शेख शाहजहां के आवास पर तलाशी लेने गई थी। तलाशी टीम जैसे ही शेख के आवास पर पहुंची, दरवाजा अंदर से बंद पाया गया और उन्होंने इसे खोलने से इनकार कर दिया। एजेंसी ने सीआरपीएफ कर्मियों की मदद से दरवाजा खुलवाने की कोशिश की। उस वक्त उनके मोबाइल फोन के लोकेशन से यह संकेत मिला कि वह घर के अंदर ही थे। इसके बाद, आधे घंटे के अंदर करीब 800 से 1000 व्यक्तियों की भीड़ ने ईडी की टीम की ओर बढ़ना शुरू कर दिया।
तीन अधिकारियों को गंभीर चोटें आईं
भीड़ में शामिल लोगों के हाथों में लाठी, पत्थर, ईंट आदि थी। उन्होंने ईडी अधिकारियों और सीआरपीएफ कर्मियों को घेर लिया। अचानक भीड़ ने ईडी अधिकारियों और सीआरपीएफ कर्मियों पर हमला करना शुरू कर दिया, उनपर पथराव किया तथा अधिकारियों और सीआरपीएफ के 27 कर्मियों पर लाठियों से हमला किया। ईडी अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी भी की।” ईडी ने कहा कि भीड़ ने अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों के वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। भीड़ के हमले में तीन अधिकारियों को गंभीर चोटें आईं और मोबाइल फोन एवं बटुआ जैसी उनकी वस्तुओं को लूट लिया गया।
बंगाल में लगे राष्ट्रपति शासन
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर शुक्रवार को हुए हमले को लेकर राजनीतिक घमासान छिड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निशिथ प्रमाणिक ने कहा, ‘‘राज्य सरकारों को केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों को उचित सुरक्षा और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए लेकिन, पश्चिम बंगाल में ऐसा नहीं हुआ है। ईडी अधिकारियों पर हमला राज्य के संघीय ढांचे पर हमला है।’’
ईडी ने लोगों को भड़काया- TMC
तृणमूल कांग्रेस मंत्री शशि पांजा ने ईडी अधिकारियों पर स्थानीय लोगों को भड़काने का आरोप लगाया, जिसके कारण यह स्थिति पैदा हुई। पांजा ने कहा, ‘‘केंद्रीय मंत्री निशिथ प्रमाणिक ने संघीय ढांचे पर हमले के बारे में बात की। पश्चिम बंगाल का बकाया रोकना वास्तविक अर्थों में संघीय ढांचे पर हमला है।’’