मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
रायसेन जिले के सम्राट अशोक बांध सागर( हलाली डैम) की सिचाई परियोजना के अंतर्गत बनी नहर में किए गए घटिया निर्माण कार्य अब धीरे-धीरे उजागर होने लगा है। करोड़ों की लागत से 4 साल पहले ही नहर निर्माण कार्य शुरू हुआ था लेकिन पूर्ण हुआ ही नहीं हुआ था कि दूसरी ओर से टूटना भी शुरू हो गया। नहर कई जगह क्षतिग्रस्त तो कई जगह दरारें पड़ गई है। नहर को बने हुए 4 साल हो गए जब से नहीं बनी है तब से आज तक इस नहर को साफ नहीं किया गया।

3 साल से लगातार बगैर साफ सफाई कराए किसानों को पानी दिया जा रहा है जिससे नहर कई जगह पानी रुकने के कारण जगह जगह से टूटने लगी है इसमें अधिकारियों के संलिप्त होने की वजह निर्माण भष्ट्राचार की भेंट चढ़ गया। ठेकेदार ने बेहद ही घटिया तरीके से नहर का निर्माण किया है। इस कारण 3 साल के भीतर ही जगह-जगह दरारें पड़ गई है। लेकिन अब किसानों की मांग उठने लगी है ग्राम बरजोरपुर, सरार, नरखेड़ा सेमरा ,अंबाडी, मुस्काबाद यदि गांव के किसानों ने मांग की है कि नहरों के निर्माण कार्य की वरिष्ठ अधिकारी जांच करें। दोषी ठेकेदार के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।उल्लेखनीय है कि नहर के निर्माण में काफी अनियमितता बरती गई है। जिसे लेकर किसानों के द्वारा शुरू से ही विरोध जताया जाता रहा है। लेकिन अधिकारियों ने कभी भी इसकी सुध नहीं ली। जिसका नतीजा यह हुआ कि ठेकेदार मनमानी से घटिया निर्माण करता चला गया। नहरों के निर्माण के लिए जो मापदंड तय किए गए थे उनकी अनदेखी की गई है। घटिया निर्माण का अंदाजा नहर की हालत को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है। पूर्ण होने से पहले ही दम तोड़ रही निर्माणाधीन नहर को देखकर हजारों किसानों के मंसूबों पर पानी फेरने की संभावना बनी हुई है। ठेकेदार ने कई जगह हलाली डैम परियोजना की नहर को आरसीसी बना दी तो कई जगह आज तक कच्ची नहर पड़ी हुई है जो पक्की बनी है उसमें भी जगह-जगह दरारें आने लगी है