कंबाइन हार्वेस्टर से लेकर हाथों से कटाई तक के सहारे फसल समेटने में लगे किसान, मौसम की बेरुखी ने बढ़ाई चिंता
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के अंतर्गत दीवानगंज, अंबाडी, सेमरा, नरखेड़ा, जमुनिया, निनोद, बरजोरपुर, सरार, कयामपुर, संग्रामपुर, करैया, गीदगढ़ सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में इन दिनों धान की कटाई और फसल निकालने का काम तेजी से चल रहा है। खेतों में धान की फसल पककर तैयार हो चुकी है। ऐसे में किसान जल्द से जल्द फसल की कटाई कर उसे सुरक्षित घर लाने की जुगत में जुटे हुए हैं। हालांकि, मजदूरों की कमी किसानों के सामने बड़ी समस्या बनकर खड़ी हो गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों धान की कटाई के लिए पर्याप्त मजदूर नहीं मिल पा रहे हैं। इसके चलते किसानों को अपनी फसल समय पर समेटने में परेशानी हो रही है। कई किसान मजदूरों का इंतजार करने के बजाय खुद ही खेतों में उतरकर धान की कटाई और निकालने का काम कर रहे हैं। वहीं, जिन किसानों के पास संसाधन उपलब्ध हैं, वे कंबाइन हार्वेस्टर और अन्य कृषि उपकरणों की मदद से फसल निकाल रहे हैं। किसान चाहते हैं कि मौसम साफ रहने के दौरान जल्द से जल्द धान की फसल खेतों से निकालकर सुरक्षित स्थान पर रख दी जाए।

किसानों का कहना है कि धान की फसल तैयार होने के बाद उसे खेत में ज्यादा समय तक छोड़ना जोखिम भरा है। पिछले दिनों बदले मौसम और बारिश के कारण किसानों की चिंता पहले से बढ़ी हुई है। बारिश होने पर खेतों में खड़ी पकी धान की फसल आड़ी होने के साथ ही कटाई के बाद खेतों में पड़ी फसल भी भीगने से खराब होने की आशंका रहती है। ऐसे में किसान दिन-रात मेहनत कर फसल समेटने में लगे हैं।
ग्रामीण अंचलों में सुबह से लेकर शाम तक खेतों में धान कटाई और निकालने का काम दिखाई दे रहा है। किसान परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर फसल को सुरक्षित करने में जुटे हैं। इस समय किसानों की सबसे बड़ी प्राथमिकता यही है कि मौसम दोबारा खराब होने से पहले उनकी महीनों की मेहनत घर तक पहुंच जाए।