दूसरे वाहन को बचाने के प्रयास में तेज ब्रेक लगाने से फटा आगे का टायर
हनुमान मंदिर के पास हुआ हादसा; जेसीबी की मदद से हटाया वाहन
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा हाईवे पर हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भानपुर से त्रिमूर्ति चौराहा सलामतपुर तक हाईवे पर आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। कहीं सड़क के अंधे मोड़ तो कहीं तेज रफ्तार और मौसम की खराबी वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। रविवार सुबह घने कोहरे के बीच कुलहड़िया के अंधे मोड़ पर एक कोरियर वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ऑटो चालक को मामूली चोट आई, जबकि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि हादसे में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ।
जानकारी के अनुसार भोपाल से विदिशा की ओर कोरियर लेकर जा रहा ऑटो क्रमांक एमपी 04 एलडी 6583 रविवार सुबह करीब 4 बजे कुलहड़िया स्थित हनुमान मंदिर के पास पहुंचा था। इस दौरान क्षेत्र में घना कोहरा छाया हुआ था और अंधे मोड़ पर सामने से अचानक दूसरा वाहन आ गया। उसे बचाने के प्रयास में ऑटो चालक ने तेजी से ब्रेक लगाए। इसी दौरान ऑटो का अगला पहिया फट गया और वाहन अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया।
हादसे के बाद हाईवे पर कुछ देर के लिए जाम जैसी स्थिति बन गई। ऑटो चालक संदीप शर्मा ने बताया कि सुबह घना कोहरा होने के कारण सामने से आ रहे वाहन को समय रहते देख पाना मुश्किल हो गया था। उसे बचाने के लिए अचानक ब्रेक लगाने पड़े, इसी दौरान अगला टायर फट गया और ऑटो पलट गया। हादसे में उन्हें मामूली चोट आई है।
सुबह दुर्घटनाग्रस्त ऑटो को सड़क से हटाने के लिए जेसीबी की सहायता ली गई। इसके बाद यातायात सामान्य हो सका। घटना ने एक बार फिर हाईवे के अंधे मोड़ों और घने कोहरे में वाहन चलाने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अंधे मोड़ और कोहरा बन रहे हादसों की वजह
भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर कुलहड़िया सहित कई स्थानों पर अंधे मोड़ वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। सर्दी की शुरुआत के साथ सुबह और देर रात घना कोहरा छाने से दृश्यता भी कम हो जाती है। ऐसे में सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देने पर अचानक ब्रेक लगाने और वाहनों के अनियंत्रित होने का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय स्तर पर अंधे मोड़ों पर चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर और सुरक्षा संबंधी इंतजाम किए जाने की जरूरत है, ताकि इस मार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
कुलहड़िया गांव के अंधे मोड पर हर 15 दिन में कोई ना कोई दुर्घटनाएं होती रहती है। इससे पहले कुलहड़िया बिजलीघर के पास सड़क पर बैठे मवेशियों को बचाने के प्रयास में रीवा से भोपाल जा रही बोलेरो लोडिंग पिकअप अनियंत्रित होकर करीब 10 फीट गहरी खाई में पलट गया था। हादसे में चालक को मामूली चोट आई थी गनीमत रही कि पिकअप आसपास लगे पेड़ों से नहीं टकराई, वरना हादसा गंभीर हो सकता था। बोलेरो लोडिंग पिकअप रीवा से चावल खाली कर भोपाल की ओर जा रही थी। देर रात जैसे ही वाहन कुलहड़िया बिजलीघर के समीप पहुंचा ही था कि सड़क पर बैठे मवेशी अचानक सामने आ गए। उन्हें बचाने के प्रयास में चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। पिकअप सड़क से नीचे उतरकर करीब 10 फीट गहरी खाई में जा गिरी और पलट गई। सुबह ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और हादसे की जानकारी आसपास के लोगों को हुई। इसमें भी हाईवे 18 पर काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही थी।
12 महीने में 200 हादसे, 38 मौतों का दावा
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पिछले 12 महीनों में भोपाल-विदिशा हाईवे-18 के इस मार्ग पर छोटी-बड़ी करीब 200 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें करीब 38 लोगों की मौत और 200 से अधिक लोगों के घायल होने का दावा किया जा रहा है। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने से ग्रामीणों और वाहन चालकों में नाराजगी बढ़ रही है। अब तक सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं अंधे मोड़ों पर ही हुई है। जबकि साल भर बालमपुर घाटी पर दुर्घटनाएं सामने आई है।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों और वाहन चालकों ने एमपीआरडीसी तथा प्रशासन से हाईवे-18 पर धंसी सड़क की मरम्मत करने और बालमपुर घाटी की क्षतिग्रस्त सुरक्षा रेलिंग को दोबारा स्थापित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क सुधार का काम शुरू नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।