सुरेंद्र जैन धरसीवां
जनपद पंचायत धरसीवां में विधायक अनुज शर्मा नें दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत धरसीवां विधानसभा के हितग्राहियों कों प्रमाण पत्र वितरित किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय नें आज वर्चुअल कार्यक्रम के ज़रिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के बलौदाबाजार से करीब 5 लाख भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के बैंक खाते में लगभग 500 करोड़ रुपए की राशि अंतरित किए हैं। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत 4.95 लाख से अधिक पात्र परिवारों के लिए राज्य सरकार की ओर से 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपए की राशि जारी किया गया है। भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए की वित्तीय सहायता सीधे हितग्राही के बैंक खाते में ट्रांसफ़र की गई।
इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि आज का यह दिन हम सबके लिए बहुत गौरव का दिन है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना को शुरू करने के पीछे हमारा उद्देश्य भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के शुद्ध आय में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से संबल प्रदान करता है।अक्सर जब हम ‘किसान’ की बात करते हैं, तो दुनिया का ध्यान सिर्फ उन पर जाता है जिनके पास अपनी जमीन है। लेकिन मैं मानता हूँ कि खेती की असली रीढ़ हमारे वो भूमिहीन मजदूर भाई हैं, जो दूसरों के खेतों में अपना पसीना बहाकर देश का पेट भरते हैं।पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने कहा था— ‘अंत्योदय’, यानी समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का उदय। हमारी सरकार की यह योजना उसी सोच का परिणाम है।हमारी सरकार का संकल्प है कि कृषि श्रमिक सशक्त हों, गांव समृद्ध हों और विकसित छत्तीसगढ़ का आधार बनें। यह केवल राशि का वितरण नहीं है, बल्कि आपके पसीने और आपकी मेहनत का सम्मान है। आप भूमिहीन हो सकते हैं, लेकिन इस देश की खाद्य सुरक्षा में आपका योगदान किसी बड़े जमींदार से कम नहीं है। खेती में जब मंदी आती है या मौसम की मार पड़ती है, तो सबसे ज्यादा चोट हमारे मजदूर भाइयों को लगती है। यह सहायता राशि आपके बुरे वक्त का साथी बनेगी और आपके परिवार को एक सुरक्षा कवच देगी। मैं चाहता हूँ कि इस सहायता का उपयोग आप अपने बच्चों की पढ़ाई में करें। आज एक मजदूर का बेटा भी अफसर और कलाकार बन सकता है। आपकी अगली पीढ़ी को सशक्त बनाना ही हमारा असली लक्ष्य है।
इस योजना में भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ वनोपज संग्राहक भूमिहीन परिवार, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी आदि पौनी-पसारी व्यवस्था से संबद्ध भूमिहीन परिवार भी शामिल हैं। इनके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों के देवस्थल में पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया, मौली परिवारों को भी शामिल किया गया है। लाभार्थी सूची में 22,028 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल है, जो राज्य की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत के रक्षक हैं।
राशि प्राप्त करने के बाद हितग्राहियों ने विधायक अनुज शर्मा और सरकार का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, जनपद पंचायत अध्यक्ष शकुंतला ढीलेन्द्र सेन, दिनेश खटे, स्थानीय जनप्रतिनिधि, तहसीलदार ,कृषि विभाग के अधिकारी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और कृषि मजदूर उपस्थित रहे।