रायसेन। आजास्क संघ के अध्यक्ष संतोष वर्मा ( आई ए एस ) द्वारा सामाजिक मंच पर ब्राह्मण समाज के प्रति कथित आपत्तिजनक एवं अमर्यादित टिप्पणी किए जाने के विरोध में मंगलवार को सर्व ब्राह्मण समाज, रायसेन ने कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर ज्ञापन सौंपा। समाज ने इसे न केवल ब्राह्मण समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताया, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भंग करने वाली टिप्पणी करार दिया।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि संघ की एक बैठक के दौरान वर्मा द्वारा की गई टिप्पणी जातीय वैमनस्य फैलाने वाली है तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 196, 298, 352 और 353 बीएनएस के अंतर्गत दंडनीय मानी गई है।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस प्रकार की भाषा न केवल अपमानजनक है, बल्कि सामाजिक ताने-बाने और सद्भाव को भी कमजोर करती है। “हमारे समाज की सहनशीलता को कमजोरी समझना उचित नहीं,” ज्ञापन में लिखा गया।
सर्व ब्राह्मण समाज ने मांग रखी कि आजास्क संघ प्रदेश अध्यक्ष वर्मा के खिलाफ तत्काल एफ आई आर दर्ज की जाए और जिला प्रशासन उनसे स्पष्टीकरण ले।

वर्मा के कार्यकाल की जांच की भी मांग
ज्ञापन में कहा गया कि जिस टिप्पणी से समाज की भावनाएँ आहत हुई हैं, उससे स्वाभाविक रूप से रोष है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में शांति भंग न हो—इसलिए प्रशासन समय रहते आवश्यक कदम उठाए।
वर्मा को निलंबित किया जाए-
उनके कार्यकाल में सवर्ण समाज से जुड़े आवेदनों पर लिए गए निर्णयों की जांच की जाए।यह संभावना भी व्यक्त की गई कि यदि उनके मन में सवर्ण समाज के प्रति पूर्वाग्रह या नफरत रही हो, तो उन्होंने समाज से जुड़े मामलों में जानबूझकर प्रतिकूल निर्णय लिए हो सकते हैं।