सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
जिले के गैरतगंज नगर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। मुख्य सड़क मार्ग पर लगातार दूसरे दिन भी भीषण जाम के हालात निर्मित रहे, जिससे नगरवासी और राहगीर घंटों परेशान होते रहे। एक ओर यातायात की अव्यवस्था है, तो दूसरी ओर सड़क निर्माण के चलते उड़ रहे धूल के गुबार ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। ठेकेदार की मनमानी और लापरवाही के बावजूद स्थानीय प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है।
सड़क चौड़ीकरण के नाम पर काम कर रही निर्माण एजेंसी की मनमानी नगरवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। बुधवार को लगातार दूसरे दिन मुख्य मार्ग पर घंटों जाम लगा रहा। निर्माण कार्य की कछुआ चाल के कारण मात्र 500 मीटर के क्षेत्र में बड़ी अव्यवस्था उत्पन्न हो गई है। अधूरे पड़े निर्माण कार्य के चलते दिन भर धूल के गुबार उड़ते रहते हैं। धूल का स्तर इतना अधिक है कि लोगों को सांस लेना भी दूभर हो गया है। निर्माण एजेंसी न तो धूल के निदान के लिए पानी का छिड़काव करवा रही है और न ही निर्माण कार्य की गति बढ़ाने की ओर कोई ध्यान दे रही है। स्थानीय लोगों को श्वसन और एलर्जी संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

एमपीआरडीसी और प्रशासन की सुस्त कार्यप्रणाली
निर्माण एजेंसी की मॉनिटरिंग के लिए तैनात एमपीआरडीसी विभाग के अधिकारी भी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते दिख रहे हैं। आरोप है कि अधिकारी केवल कार्यालय में बैठकर निरीक्षण की खानापूर्ति कर लेते हैं। मुख्य रूप से सड़क निर्माण की तकनीकी जिम्मेदारी संभालने वाले जेएन खान ठेकेदार की आवभगत तक सीमित हैं और उनके पास कार्य का निरीक्षण करने तक का समय नहीं है। वहीं, स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली भी अत्यंत सुस्त है, जिसके चलते नगरवासियों को आए दिन बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने जल्द से जल्द प्रशासन से हस्तक्षेप कर ठेकेदार पर सख्ती बरतने और समस्या का समाधान करने की मांग की है।