– शिवपुरी के जिला अस्पताल के मुख्य दरवाजे पर एक महिला ने नवजात शिशु को जन्म दिया
– परिजनों का आरोप है कि बुलाने के बाद भी कोई नर्सिंग स्टाफ या वार्ड बॉय मदद के लिए नहीं आया
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
शिवपुरी के जिला अस्पताल के मुख्य दरवाजे पर बीती रात एक महिला ने नवजात शिशु को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि बुलाने के बाद भी कोई नर्सिंग स्टाफ या वार्ड बॉय मदद के लिए नहीं आया। महिला के साथ आईं परिवार की महिलाओं ने ही बच्चे को जन्म दिलाया।

परिजनों का आरोप -मदद मांगने के बाद भी नहीं की सहायता-
महिला के पति वीरेन्द्र का कहना है कि जब अस्पताल के दरवाजे पर पत्नी की डिलीवरी हो रही थी, तब वह अस्पताल में अंदर मदद मांगने गया, लेकिन नर्सिंग स्टाफ और वार्ड बॉय बाहर नहीं आए और कहा कि मरीज को वार्ड में लेकर आओ। ऐसे में प्रसव पीड़ा से जूझ रही रीना को परिजनों ने संभाला और डिलीवरी के बाद स्ट्रेचर पर लिटाकर खुद ही वार्ड में भर्ती कराया।

नहीं आई 108 एंबुलेंस और इसलिए ऑटो से लाना पड़ा-
शिवपुरी शहर की करौदी कॉलोनी निवासी वीरेंद्र जाटव ने बताया कि उसकी पत्नी रीना आदिवासी को सोमवार शाम प्रसव पीड़ा शुरू हुई। उसने 108 जननी एंबुलेंस को कई बार फोन लगाया, लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। मजबूरी में उसे ऑटो से रात 10 बजे जिला अस्पताल लाना पड़ा। यहां पहुंचते ही अस्पताल के दरवाजे पर ही उसकी पत्नी ने बच्चे को जन्म दे दिया।

अब सफाई दे रहे हैं अधिकारी-
शिवपुरी जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. बीएल यादव ने बताया कि जैसे ही महिला के गेट पर डिलेवरी होने की सूचना मिली उसके बाद तत्काल हमारा स्टाफ पहुंचा। जच्चा बच्चा दोनों को अंदर वार्ड में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल में दोनों भर्ती हैं और दोनों का स्वास्थ्य ठीक है।