उवेश खान सिलवानी रायसेन
सिलवानी में एक ऐसी सनसनीखेज वारदात हुई हैं जिसने रायसेन जिले के सिलवानी क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया! मामला है दो महंगी राइफल चोरी का, जिसे चोरों ने पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया! लेकिन सिलवानी पुलिस की तेज़ तर्रार कार्रवाई ने सिर्फ 24 घंटे में इस मामले को सुलझा दिया और आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए!
कैसे हुई चोरी?
घटना 7 मार्च की रात 8:15 बजे की है। फरियादी अब्दुल फैसल और उनका भाई जीशान खां अपने घर में ताला लगाकर तरावीह पढ़ने मस्जिद गए थे। रात करीब 9:30 बजे जब वे घर लौटे, तो उनके होश उड़ गए! दरवाजे का ताला टूटा हुआ था और अंदर रखी दोनों लाइसेंसी बंदूकें और 26 जिंदा कारतूस गायब थे!
पहली बंदूक थी 30.06 बोर रायफल, जिसका लाइसेंस अब्दुल फैसल के नाम था।दूसरी बंदूक थी .22 बोर रायफल, जिसका लाइसेंस जीशान खां के नाम था।
चोरी की सूचना मिलते ही इलाके में दहशत का माहौल बन गया और मामला थाना सिलवानी में दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक पंकज पांडेय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे ने इस केस को गंभीरता से लेते हुए एसडीओपी अनिल सिंह मौर्य और थाना प्रभारी जयप्रकाश त्रिपाठी को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई!
सिलवानी पुलिस ने बिना देर किए जांच शुरू की, और शक की सुई राजकुमार प्रजापति नाम के एक संदिग्ध पर गई। जब पुलिस ने उसे पकड़ा और सख्ती से पूछताछ की, तो एक चौंकाने वाला राज खुला!
राजकुमार पहले भी जेल जा चुका था और वहीं उसकी दोस्ती अंकित तिवारी नाम के शातिर अपराधी से हुई थी। अंकित एक हत्याकांड में शामिल था और दोनों की दोस्ती जेल में हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद अशोका गार्डन, भोपाल में दोनों अक्सर मिलते थे और वहीं सिलवानी के बारे में बातें होती थीं।
कैसे रची गई इस चोरी की साजिश?
राजकुमार ने अंकित को बताया कि सिलवानी में उसका एक दोस्त है जिसके पास दो महंगी बंदूकें हैं। बस फिर क्या था! अंकित तिवारी ने कहा, “क्यों न ये बंदूकें चुराकर बेच दें? अच्छे पैसे मिल जाएंगे!” और इसी के साथ साजिश रच दी गई।
7 मार्च की शाम 8:30 बजे, दोनों चोर अंकित तिवारी की स्कूटी पर सिलवानी पहुंचे। उन्होंने अब्दुल फैसल के मस्जिद जाने का इंतजार किया और फिर जैसे ही घर खाली हुआ, ताला तोड़कर दोनों बंदूकें और कारतूस उड़ा लिए! इसके बाद वे सीधे भोपाल भाग गए और बंदूकें अंकित तिवारी के अशोका गार्डन स्थित किराए के मकान में छिपा दीं।
पुलिस का बड़ा ऑपरेशन – 4 लाख का माल बरामद!
जब पुलिस को साजिश की पूरी जानकारी मिली, तो एक टीम भोपाल रवाना हुई। पुलिस ने अंकित तिवारी के ठिकाने पर छापा मारा और वहाँ से दोनों बंदूकें, 26 कारतूस, स्कूटी और चोरी में इस्तेमाल किए गए औजार बरामद कर लिए!
आरोपी गिरफ्तार!
इस मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया:अंकित तिवारी, पिता रघुवीर प्रसाद तिवारी, निवासी गोपालगंज, सागर (फिलहाल अशोका गार्डन, भोपाल में रह रहा था)।राजकुमार प्रजापति, पिता मुन्नालाल प्रजापति, निवासी नूरपुरा, सिलवानी।
पुलिस टीम को मिलेगा इनाम!
इस शानदार सफलता के लिए थाना प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश त्रिपाठी और उनकी टीम का सराहनीय योगदान रहा। पुलिस अधीक्षक पंकज पांडेय ने इस केस को तेज़ी से सुलझाने वाली टीम को इनाम देने की घोषणा की है!
इस पूरे ऑपरेशन में सहायक उपनिरीक्षक शिवकुमार शर्मा, संतोष रघुवंशी, अरुणकांत शर्मा, अशोक पाठक, रामनरेश, अंकित कुमार, आकाश दुबे, गोविंद डोडवे और गुलशन कुमार का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।