Let’s travel together.

सांसद केपी यादव ने दी सफाई तात्या टोपे को नहीं भूली सरकार, जल्द बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का संग्रहालय

0 101

– शिवपुरी में तात्या टोपे के जन्म जयंती समारोह में शामिल हुए सांसद केपी यादव

– प्रतिमा स्थल पर तात्या को दी गई श्रद्धांजलि

रंजीत गुप्ता शिवपुरी

सन् 1857 की क्रांति के प्रमुख योद्धा वीर शहीद तात्या की याद में अभी तक शिवपुरी में संग्रहालय व स्मारक नहीं बन पाया है। जबकि दो साल पहले ही केंद्र सरकार द्वारा इसकी स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस संबंध में जब गुना-शिवपुरी क्षेत्र के सांसद केपी यादव से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि तात्या टोपे को सरकार भूली नहीं है। तात्या टोपे की याद में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का संग्रहालय बनवाया जाएगा। केपी यादव ने बताया कि तात्या की याद में संग्रहालय के लिए मेरे द्वारा संसद में मांग रखी गई थी। इसके बाद केंद्र की मोदी सरकार ने इसके लिए डीपीआर प्लान बनाने के निर्देश दिए थे। पूर्व में डीपीआर प्लान बनाने के लिए कोई मल्टीलेशन कंपनी नहीं मिल पाई जो रिसर्च आदि के साथ तात्याटोपे संग्रहालय बना सके। साथ ही फिर कोविड आ गया जिससे यह मामला लेट हुआ लेकिन अब दिल्ली में एक मल्टीलेशन कंपनी ने डीपीबार प्लान बनाने का टेंडर लिया है और अब डीपीआर प्लान बनाने काम पूरा होते ही संग्रहालय बनाने का काम होगा।

रेलवे स्टेशन का नाम भी जल्द होगा तात्या के नाम-

शनिवार को तात्या टोपे का 210 वे जन्म जयंती समारोह शिवपुरी में आयोजित किया गया। इस दौरान सांसद केपी यादव सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने तात्याटोपे के बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अपिर्त किए। इस मौके पर शिवपुरी रेलवे स्टेशन का नाम अभी तक तात्याटोपे के नाम न रखे जाने पर सांसद केपी यादव से पत्रकारों द्वारा पूछा गया तो सांसद केपी यादव ने कहा कि शिवपुरी रेलवे स्टेशन का नाम तात्या टोपे के नाम पर रखे जाने के लिए पूर्व में रेलवे मंत्रालय को पत्र लिखा था। सांसद केपी यादव ने पत्रकारों को बताया कि शहीदों की जन्मस्थली और कर्मस्थलीयों को उनके नाम से जाना जाए इसको लेकर के कुछ प्रस्ताव स्वीकृत हो गए हैं तो कुछ विचाराधीन हैं। इस संबंध में भी जल्द निर्णय होगा।

गोरिल्ला युद्ध से तात्या ने अंग्रेजों को छुड़ा दिए थे छक्के-

सन् 1857 की क्रांति में वीर शहीद तात्याटोपे ने झांसी की रानी लक्ष्मी बाई के साथ मिलकर 1857 का प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन लड़ा। तात्या टोपे ने अपने गोरिल्ला युद्ध के माध्यम से सन् 1857 की क्रांति के दौरान अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए थे। तात्या टोपे को गोरिल्ला युद्ध में महारथ हासिल थी। बाद में अंग्रेजों ने तात्या टोपे को धोखे से पकड़ कर शिवपुरी में उनके खिलाफ मुकदमा चलाया और उन्हें फांसी दे दी। शिवपुरी में जिस स्थान पर फांसी दी गई वहां पर तात्याटोपे की प्रतिमा मौजूद है और यहां पर हर वर्ष 18 अप्रैल उनके बलिदान स्थल पर शहीद मेला आयोजित होता है। यहां पर शहीद मेले में तीन दिनों तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होते हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

एआई और फिनटेक की कक्षाएं हुई प्रारंभ        |     शांति और सद्भाव के साथ मनाएं नवरात्रि-दशहरा के त्योहार     |     भोपाल न्यू मार्केट में भीषण आग, कई दुकानें और रेहड़ियां चपेट में; 15 से ज्यादा दमकल मौके पर     |     बाणगंगा धाम पर 5 से 10 अक्टूबर तक श्रीमद् भक्तमाल कथा ज्ञान यज्ञ जारी     |     विश्व नेत्र दिवस पर सेवा भारती और स्वास्थ्य विभाग ने लगाया संयुक्त शिविर, 305 मरीजों की जांच, 22 ऑपरेशन के लिए चिन्हित     |     उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने जीएमसी एवं हमीदिया चिकित्सालय परिसर में निर्माणाधीन कार्यों का किया निरीक्षण     |     उपमुख्यमंत्री ने टीबी उन्मूलन के लिए JOSH (जॉइंट स्क्वॉड फ़ॉर हेल्थ) टीम का किया शुभारंभ     |     उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने श्री ताहिर अली को 73वें जन्मदिवस पर दी शुभकामनाएँ     |     उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने 11 वीं राज्य स्तरीय TNAI कांफ्रेंस-2026 का किया उद्घाटन     |     पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में शिक्षा में AI के प्रयोग पर वाद-विवाद प्रतियोगिता     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811