देवेन्द्र तिवारी सांची रायसेन
भारत सरकार द्वारा बनाए गए वाहन चालकों के लिए नये कानून के विरोध से वाहन चालकों की हड़ताल का असर दिखाई देने लगा है सड़कें माल वाहक वाहनों यात्री बसों से विहीन हो गई है अब सड़कों पर चार पहिया वाहन एवं दुपहिया वाहन ही दौड़ते नजर आ रहे हैं डीजल पेट्रोल दूध की समस्या खड़ी हो गई है इस हड़ताल का सीधा असर लोगों पर पड़ता दिखाई देने लगा है । अब कब तक ये हड़ताल जारी रहेगी कहा नहीं जा सकता।
जानकारी के अनुसार भारत सरकार ने वाहन दुर्घटना को लेकर नया कानून बना डाला इस कानून के बनते ही वाहन चालकों का ग़ुस्सा आसमान छू गया तथा देश भर में वाहन चालकों ने अपने वाहनों का चक्का जाम कर कानून के विरोध में हड़ताल शुरू कर दी है जिससे सड़कों पर फर्राटा भरते ट्रक टैंकर यात्री बसों से सड़कें सूनी हो गई अब सड़कों पर मात्र दोपहिया चारपहिया वाहन ही दिखाई दे रहे हैं इससे लोगों को खासी परेशानी बढ़ गई है तथा पेट्रोल पंपों पर डीजल पेट्रोल खत्म हो गया है जिससे लोगों को डीजल पेट्रोल के लिए भटकना पड़ रहा है इसके साथ ही दूध विक्रेता भी परेशानी उठाने पर मजबूर हो गए हैं लोग दूध के लिए यहां वहां भटकने पर मजबूर हो गए हैं कुछ दूध विक्रेता अपने निजी वाहनों से दूध व्यवस्था सुचारू बनाने प्रयास रत दिखाई दे रहे हैं इस हड़ताल का सीधा असर लोगों के जीवन पर पड़ता दिखाई देने लगा है सब्जी की समस्या बढ़ गई है क्षेत्र में आसपास पेट्रोल पंपों पर डीजल पेट्रोल खत्म हो गया है जिससे लोगों को अपने वाहन सड़कों पर चलाने के लिए डीजल पेट्रोल की गंभीर समस्या से जूझना पड़ रहा है क्षेत्र भर के पेट्रोल पंपों पर डीजल पेट्रोल के लिए वाहनों की कतार लग गई है तथा अनेक पंपों पर डीजल पेट्रोल मिलना ही बंद हो गया है इससे समस्या खड़ी हो गई है तथा नगर से गुजरने वाले बड़े वाहनों के पहिए थमने से सड़कों पर दौड़ने वाले बड़े वाहन सड़कों से गायब हो गए हैं वाहन हड़ताल से आम जनजीवन प्रभावित होता दिखाई दे रहा है यह हड़ताल लंबी खिंचने पर खान पान की वस्तुएं भी मिलने की संभावना बढ़ रही है ।