रिपोर्ट धीरज जॉनसन,दमोह
दमोह जिले के पथरिया तहसील अंतर्गत साजली मध्यम सिंचाई परियोजना का काम जारी है यह एक सहायक नदी है जो सुनार नदी में मिलती है। करीब 366 करोड़ रुपए की इस परियोजना से पथरिया, हटा,बटियागढ़ के किसानों को पानी मिलेगा जहां प्रेशराइज्ड पद्धति से सूक्ष्म सिंचाई होना है,इसका जल ग्रहण क्षेत्र करीब 169.97 वर्ग किमी है जिसकी प्रशासकीय स्वीकृति 2016 में हुई और इसके लिए केवलारी, डूडा, सांसा, कोडरमणि के किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया। इसके डेम और पाइप लाइन बिछाने में विलंब तो कभी जमीन कभी मुआवजे में कमी के समाचार भी सामने आते रहे है।

अब यहां डैम के निकट रहने वाले लोगों का कहना है कि इससे लाभ मिलने की उम्मीद बहुत कम है हमारी जमीन तो चली गई, रुपया भी खर्च हो गया और निराशा ही हाथ लगी है। सेमरा हजारी गांव से अतुल प्रताप सिंह हजारी रहते है कि बांध यहां बनाया गया और फायदा निकट के जिले के क्षेत्र को मिल रहा है किसानों को आर्थिक लाभ भी नहीं हुआ जिससे विकास की संभावना भी कम है।

हालांकि अभी डैम के दूसरी ओर पानी का रिसाव दिखाई दे रहा है जिसके बहाव के लिए नाली भी बनाई गई है ऐसा कहा जाता है कि कुछ समय बाद यह रिसाव बंद हो जाता है इसे स्वेटिंग होना भी कहते है।
इनका कहना हे-
“डूब क्षेत्र में आनेवाले सिंचित और असिंचिति दोनों क्षेत्र के किसानों को मुआवजा राशि कम दी गई,सब्जबाग दिखाए गए पर स्थानीय लोगों को लाभ नहीं मिला,यहां के लोगों की जमीन गई और सीमा से लगे सागर जिले के क्षेत्र को फायदा मिल रहा है ऐसा लगता है इस प्रोजेक्ट से पैसा ही बर्बाद हुआ, हम चाहेंगे इसकी क्षमता बढ़ें जिससे क्षेत्र को लाभ मिले।
गौरव पटेल पूर्व विधानसभा प्रत्याशी (का.)
पथरिया