ग्राम पंचायत रसीदपुर के ग्राम सगौर में बायो रिसोर्स सेंटर में जीवामृत, बीजामृत एवं नीमामस्त्र जैव उत्पाद बनाए जाने लगे है । केंद्र का प्रबंधन एवं संचालन शिव स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है ।सहयोग भारत ग्रामीणआजीविका फाउंडेशन दिल्ली के द्वारा किया जा रहा है । कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ प्रदीप द्विवेदी ने जैव उर्वरक के उत्पादन , प्रबधन एवं विपणन पर SHG की महिलाओ को मार्गदर्शन किया ।कृषि विभाग के श्री वरुण जी ने प्राकृतिक खेती के प्रमुख घटक में से यह घटक महत्वपूर्ण है इनका उपयोग करने से खेती की लागत कम होगी एवं खेत की मिट्टी में सुधार होगा ।बायो रिसोर्स सेन्टर को किसानों के साथ लिंकेज करने में सहयोग करने को कहा क्षेत्र के किसानो तक उत्पाद पहुचे इसमें सहयोग करेंगे आजीविका मिशन के जिला नोडल अधिकारी ने समूह के इस कार्य मे सहयोग करने के लिए कहा ।

संस्था के संचालक ने विस्तार पूर्वक प्रकृतिक खेती के प्रमुख घटक एवं स्वास्थ्य पर इसका सकारात्मक प्रभाव पर जानकारी प्रदान । इस अवसर पर शिव स्वयं सहायता समूह के सदस्य कृषक सहयोग संस्था के परियोजना समन्वयक योगेश सेन सामुदायिक प्रेरक अमित चकवर्ती ,किरण धुर्वे , विक्रम वर्मा, शेरू अहिरवार प्रेम धुर्वे उपस्थित रहे ।