उदयपुरा रायसेन- श्रीरामचरितमानस विद्यापीठ अंतर्गत सत्संग, सेवा, सुमरन, मानस यात्रा, के ग्राम रमखिरिया पहुंचने पर आयोजक, महाराज सिंह लोधी एवं परिजन सहित ग्राम वासियों ने मानस प्रवक्ताओं को माल्यार्पण कर सम्मान किया, आयोजित, सत्संग सभा में मानस ग्रंथ पूजन पश्चात मानस आचार्य सुरेंद्र शास्त्री ने बताया कि विवेक जागरण होने से मोह का नाश संभव है, रावण रूपी मोह के नाश के लिए, श्रीराम ने साधन नहीं साधना पर जोर दिया, बाहर से हम मानते हैं कि इतने संसाधनों से युक्त रावण को साधन हीन राम कैसे जीत पाएंगे पर विभीषण की इसी चिंता को मिटाने के लिए 14 साधनों से युक्त धर्म रथ की व्याख्या की गई है, 14 साधनों की सिद्धि के लिए ही, श्री राम के 14 वर्ष का वनवास का उपक्रम है, अतः जो धर्म रथ में बताएं साधनों को अपनाता है, वह इस अजेय, संसार को भी जीत लेता है, मानस प्रसंग में वर्णित रावण का युद्ध के लिए प्रस्थान और श्री राम जी का विजय रथ, तथा वानर राक्षसों का युद्ध, की रोचक व्याख्या धर्माधिकारी राजेंद्र प्रसाद शास्त्री, नर्मदा प्रसाद रामायणी, राष्ट्रीय प्रवक्ता रामनरेश शास्त्री, सुदामा प्रसाद शास्त्री, योगेश पांडे शास्त्री आदि ने प्रस्तुत की।

सत्संग सभा संचालन यात्रा संयोजक चतुरनारायण रघुवंशी अधिवक्ता एवं आभार ग्राम पटेल राम नारायण सिंह द्वारा किया गया, मानस ग्रंथ की मंगल आरती में डॉ विजय कुमार मालानी, दीवान सिंह पटेल पूर्व जनपद अध्यक्ष, कौशल श्रीवास्तव, कुबेर सिंह पूर्व सरपंच ,छत्रपाल विनडैया, मान सिंह पटेल, देवी सिंह पटेल मनकापुर, बिट्टू भैया, राजकिशोर कौरव, राहुल नीखरा, भगवत सिंह, मानसिंह खुरयात ,ओंकार पटेल, भरत सिंह, जगदीश सरपंच ,कल्याण पवैया, कमलेश रघु, कोमल सिंह, बृजेश कुशवाहा, कल्याण प्रजापति, मथुरा सराठे, यात्रा सह प्रभारी अमर सिंह लोधी ,सहित विभिन्न ग्रामों से पधारे हुए श्रद्धालु उपस्थित रहे,