Let’s travel together.

ओझल हुई चंचल तो नम हुई लोगों कीं आंखे हथिनी को दी आखिरी विदाई

90

जबलपुर। फिल्म हाथी मेरे साथी का वो गीत तो सभी को याद होगा जब हाथी की मौत पर खुश रहना मेरे यार गाने ने सभी को रुलाने मजबूर कर दिया था। कुछ इसी तरह हथिनी की मौत पर जबलपुर में हुआ है। यहां लगभग दो माह पूर्व जबलपुर में पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में भाग लेने चंचल नाम की हथिनी को बुलाया गया था। उसके साथ उसके महावत गोविंद गिरी भी साथ आए थे। इस दौरान हथिनी चंचल बीमार हो गई जिसका इलाज जबलपुर में किया गया, लेकिन अपने स्वास्थ्य से लड़ते-लड़ते उसने अपनी जिंदगी से विदा ले लिया है। चंचल अब ओझल हो चुकी है। यह देख आज लोगों की आंखें नम हो गई। उसे नम आंखों से विदा देते हुए वन विभाग की उपस्थिति में हथिनी चंचल का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

सतपुला बाजार में हथिनी को दफनाया गया

हथिनी का अंतिम संस्कार जीसीएफ एस्टेट राममंदिर के पीछे सतपुला बाजार में किया गया। यहां वन विभाग के लोगों की मौजूदगी व महावत गोविंद गिरी की उपस्थिति में उसे दफनाया गया है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

पुलिस की बड़ी सफलता, पीथमपुर से मिलीं दो लापता नाबालिग बालिकाएँ     |     खुनखुन बाग वाले हनुमान जी महाराज के दरबार में सीताराम महायज्ञ एवं राम कथा का हुआ समापन     |     किसानों ने देर रात केंद्रीय मंत्री के बंगले पर दी दस्तक,नहर के लिए फिर उठी आवाज,मंत्रीजी ने दिया आश्वासन     |     भगवंतपुर में 28 लाख की लागत से बना नवीन आंगनवाड़ी केंद्र का  विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने किया लोकार्पण     |     भविष्य से भेंट कार्यक्रम का हुआ आयोजन      |     कयामपुर में बाघ का हमला: किसान की गाय का शिकार, ग्रामीणों में दहशत     |     गढ़ी वन क्षेत्र में सागौन तस्करों पर कार्रवाई: 60 हजार की लकड़ी के साथ वाहन मालिक व साथी गिरफ्तार     |     भविष्य से भेंट कार्यक्रम में एसडीएम ने दिए सफलता के मंत्र, छात्रों को मिला कैरियर मार्गदर्शन     |     किसानों की समस्याओं को लेकर संगठन ने सौंपा ज्ञापन, विभिन्न मांगों पर कार्रवाई की मांग     |     बेगमगंज क्षेत्र में कई गांव में ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ी     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811