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सिहोर से भोपाल पैदल यात्रा, नियमितीकरण की लगाएंगे शिवराज से गुहार
डॉ. अनिल जैन
भोपाल।जैसे जैसे चुनाव नज़दीक आ रहा है वैसे वैसे रिक्त पदों के विरुद्ध वर्षों से आर्थिक बदहाली एवं अनिश्चित भविष्य के बावजूद सेवा देने वाले महाविद्यालयीन अतिथि विद्वानों की वर्षों पुरानी नियमितीकरण(भविष्य सुरक्षित)की मांग जोर पकड़ती जा रही है।पिछली बार नीलम पार्क में एकदिवसीय धरना दिया गया था और सरकार से आग्रह किया था की एक माह के अंदर कोई रास्ता निकालें वावजूद इसके कोई हल नहीं निकला तो इस बार सिहोर से पैदल चलकर हजारों उच्च शिक्षित महाविद्यालयीन अतिथि विद्वान शिवराज सिंह चौहान से गुहार लगाने राजधानी भोपाल पहुचेंगे।जैसा की विदित है कि विपक्ष में रहते हुए अतिथि विद्वानों के चर्चित आंदोलन में शिरकत करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, वीडी शर्मा सहित डॉ नरोत्तम मिश्रा,गोपाल भार्गव,सीताशरण शर्मा जैसे दिग्गज नियमितीकरण भविष्य सुरक्षित का वादा किए थे।यही नहीं खुद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इन्हीं अतिथि विद्वानों के मुद्दे पर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए लेकिन अतिथि विद्वानों का आरोप है कि सरकार तो अतिथि विद्वानों के नाम पर बना लिए अब नियमित क्यों नहीं कर रही है सरकार।वही विपक्ष भी लगातार भाजपा सरकार पर हमलावर है और पूछती है कि कब होगा अतिथि विद्वानों का भविष्य सुरक्षित कब होगा नियमितीकरण।ख़ुद पीसीसी चीफ कमलनाथ ने भी अतिथि विद्वानों के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके नियमितीकरण का वादा कर चुके हैं।अब देखना है कि इस चुनावी साल में अतिथि विद्वानों का भविष्य सुरक्षित सरकार करती है की सिर्फ मायूसी लगेगी इनके हाथ।
इनका कहना है-
अतिथि विद्वान कलम के पुजारी हैं,प्रवेश, परीक्षा,प्रबंधन,अध्यापन,मूल्यांकन,नैक,रुसा आदि समस्त कार्य वर्षों से कर रहे हैं।अनुभव भी है योग्य भी है।लेकिन भविष्य सुरक्षित नहीं।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित पूरी भाजपा विपक्ष में रहते हुए अतिथि विद्वानों से नियमितीकरण का वादा किया था हम फिर उनके उसी वादे को याद दिलाने के लिए पैदल यात्रा सिहोर से भोपाल कर रहे हैं।जिसमें पूरे प्रदेश के लगभग सभी 4500 अतिथि विद्वान शामिल होंगे।सिहोर से 28 अप्रैल से यात्रा शुरू होगी जो भोपाल नीलम पार्क में 30 अप्रैल को बड़ी सभा में तब्दील होगी।
डॉ आशीष पांडेय, मीडिया प्रभारी अतिथि विद्वान महासंघ/मोर्चा

