Let’s travel together.

आज संत रविदास जयंती::संत रविदास के महत्वपूर्ण उपदेश

0 105

संत रविदास का जन्म हिन्दू कैलेंडर के आधार पर माघ माह  की पूर्णिमा तिथि को हुआ था, इसलिए हर साल माघ पूर्णिमा  को रविदास जयंती मनाते हैं. आइए जानते हैं संत रविदास के उपदेशों के बारे में.

1. व्यक्ति पद या जन्म से बड़ा या छोटा नहीं होता है, वह गुणों या कर्मों से बड़ा या छोटा होता है.रैदास जन्म के कारणै, होत न कोई नीच। नर को नीच करि डारि हैं, औछे करम की कीच।।

2. वे समाज में वर्ण व्यवस्था के विरोधी थे. उन्होंने कहा है कि सभी प्रभु की संतान हैं, किसी की कोई जात नहीं है.‘जन्म जात मत पूछिए, का जात और पात। रैदास पूत सम प्रभु के कोई नहिं जात-कुजात।

3. रविदास जी ने बताया है कि सच्चे मन में ही प्रभु का वास होता है. जिनके मन में छल कपट होता है, उनके अंदर प्रभु का वास नहीं होता है. संत रैदास ने कहा है कि मन चंगा तो कठौती में गंगा.का मथुरा का द्वारका, का काशी हरिद्वार। रैदास खोजा दिल आपना, तउ मिलिया दिलदार।।

4. संत रविदास जी ने दुराचार, अधिक धन का संचय, अनैतिकता और मांसाहार को गलत माना है. उन्होंने अंधविश्वास, भेदभाव, मानसिक संकीर्णता को समाज विरोधी माना है.

5. संत रविदास जी भी कर्म को प्रधानता देते थे. उनका कहना था कि व्यक्ति को कर्म में विश्वास करना चाहिए. आप कर्म करेंगे, तभी आपको फल की प्राप्ति होगी. फल की चिंता से कर्म न करें

6. संत रैदास ने कहा है कि व्यक्ति को अभिमान नहीं करना चाहिए. दूसरों को तुच्छ न समझें. उनकी क्षमता जिस कार्य को करने की है, संभवत: वह आप नहीं कर सकते.

7. वे कहते हैं कि हम सभी यह सोचते हैं कि संसार ही सबकुछ है, लेकिन यह सत्य नहीं है. परमात्मा ही सत्य है.

Leave A Reply

Your email address will not be published.

धरसीवा विधानसभा क्षेत्र में प्रदूषण बेलगाम,मुख्यमंत्री के आगमन के पूर्व भी उद्योग फैला रहे प्रदूषण,जनता हलाकान     |     राज्य स्तरीय दिव्यांगजन सलाहकार बोर्ड की पहली बैठक सम्पन्न     |     भोपाल में नृत्य नाटिका “तू ही शक्ति तू ही नारी” का भव्य मंचन     |     लाॅक डाउन: सिर्फ सियासी शोशेबाजी या भावी संकट की ‘पब्लिक टेस्टिंग’ ? -अजय बोकिल     |     बामुलाहिजा :: तारीफ की चाशनी, CM हलकान!- संदीप भम्मरकर     |     बंदियों का चरित्र व व्यवहार बदलने शिवपुरी सर्किल जेल में गूंजा गायत्री मंत्र     |     राजा कुंवरसिंह की रियासत कुंवरगढ़ में थे कभी 126 तालाब     |     महावीर जयंती पर तीर्थधाम ज्ञानोदय जैन मंदिर से शांति दिगंबर जैन मंदिर तक निकाली गई शोभा यात्रा,फूल बरसा कर किया गया स्वागत     |     समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की दूसरी बार बढ़ी तारीख, किसानों में चिंता     |     गुजरी शाम अचानक मौसम हुआ खराब तेज हवाओं के साथ हुई बूंदाबांदी,बिजली गुल     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811