सुरेंद्र जैन धरसीवां
“शराबी के दो ठिकाने ठेके जाए या थाने” ये कहावत छत्तीसगढ़ में हर रोज कहीं न कहीं चरितार्थ हो रही है बढ़ती नशाखोरी प्रदेश में अपराधों को तीव्र गति दे रही है ताजा मामला राजधानी रायपुर से लगे उरला थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हारी का प्रकाश में आया है जहां जीजा के हिस्से की शराब अकेले पीने से नाराज जीजा ने साले को मौत के घांट उतार दिया ओर शराब ने इस तरह एक बार फिर ये साबित कर दिया कि वह हर रिश्ते पर भारी है हत्यारी है बाबजूद इसके किसी सरकार या किसी अदालत या किसी पुलिस में इतनी हिम्मत नहीं कि वो हत्यारी शराब को बंद कर सकें
जानकारी के मुताबिक राजधानी रायपुर से लगे उरला थाना क्षेत्र के छोटे से गांव कुम्हारी में ईंट भट्टे में काम करने वाले मजदूर मृतक घनश्याम पिता नूनकरण यादव उम्र 30 एवं आरोपी एवं आरोपी गोपी उर्फ गोपसिंह उर्फ गंगाधर उम्र 45 निवासी पल्सी पानी थाना कोमाखान जिला महासमुंद दोनों एक ही गांव के होने के साथ ही रिश्ते में जीजा साले लगते थे एक साथ काम करते थे
8अप्रैल को आरोपी गोपसिंह ने अपने साले घनश्याम को 150 रुपए दिए ओर कहा कि सिलतरा दारू भट्टी से शराब ले आ जीजा से पैसे लेकर साला घनश्याम दारू लेने सिलतरा गया दारू की बोतल भी खरीदी लेकिन वह उस दारू को अकेले ही रास्ते में पी गया ओर जब वह घर पहुंचा तो जीजा ने दारू मांगी दारू अकेले पी जाने से जीजा नाराज हो गया ओर सुबह 9 अप्रैल को जब दोनों खारुन नदी नहाने गए तो जीजा गोपी ने अपने साले घनश्याम को किनारे पर धक्का दे दिया जिससे वह बेहोश हो गया इसके बाद जीजा ने साले की गर्दन को गमछे से कस दिया जिससे उसकी मौत हो गई इस तरह शराब के कारण जीजा ने साले की हत्या कर दी
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्ट मार्डम को भेजा ओर आरोपी गोपी को गिरफ्तार कर लिया