वर्षों से लंबित मांग पर नहीं हुई कार्रवाई, ग्रामीणों में आक्रोश
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
जिले की गैरतगंज तहसील की ग्राम पंचायत गढ़ी के दो प्रमुख धार्मिक स्थल महावली खो मंदिर एवं दरगाह शरीफ तक पहुँचने वाले मार्गों की जर्जर हालत ने एक बार फिर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्षों से सड़क निर्माण की मांग के बावजूद आज तक कोई ठोस पहल नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
बताया जाता है कि महावली खो मंदिर सैकड़ों वर्ष पुरानी तपोभूमि है, जो क्षेत्र की आस्था का केंद्र है। यहाँ प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु पहुँचते हैं, जबकि महाशिवरात्रि पर आयोजित सात दिवसीय मेले में लाखों लोगों का सैलाब उमड़ता है।

वहीं दरगाह शरीफ़ पीर पीतम शाह वली भी क्षेत्र का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहाँ आयोजित होने वाले उर्स में दूर-दराज़ से हजारों जायरीन शामिल होते हैं। इसके बावजूद दोनों स्थलों तक जाने के लिए आज भी पक्की सड़कें उपलब्ध नहीं है, जो प्रशासनिक उदासीनता का जीता-जागता उदाहरण है।
कीचड़, धूल और खतरे के बीच आस्था का सफर
श्रद्धालुओं को मंदिर और दरगाह तक पहुँचने के लिए कच्चे, उबड़-खाबड़ और कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे आवागमन लगभग ठप हो जाता है और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
फाइलों में कैद विकास, जमीन पर शून्य
लोक निर्माण विभाग के तकनीकी प्रतिवेदन के अनुसार दोनों मार्गों की लंबाई लगभग 1-1 किलोमीटर है और प्रत्येक की लागत करीब एक-एक करोड़ रुपये आंकी गई है। हैरानी की बात यह है कि इन सड़कों के निर्माण के लिए कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन आज तक फाइलें सिर्फ दफ्तरों में धूल खा रही हैं।
नेताओं के वादे खोखले, जनता में नाराज़गी
ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जीत के बाद जनप्रतिनिधि क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं की ओर ध्यान देना जरूरी नहीं समझते। आस्था के इन महत्वपूर्ण केंद्रों तक सड़क जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव शासन-प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है।
ग्राम पंचायत गढ़ी के सरपंच सैयद मसूद अली पटेल ग्राम पंचायत के स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना दोनों स्थानों की सड़कों के निर्माण के लिए ग्राम पंचायत की ओर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव जी, क्षेत्रीय सांसद केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह जी, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ाजी, पूर्व मंत्री क्षेत्रीय विधायक डॉक्टर प्रभूराम चौधरी जी,
पूर्व लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव जी, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग मध्य प्रदेश सहित अन्य अधिकारियों को दर्जनों आवेदन पत्र सौंप चुके हैं लेकिन इस समस्सया का हल अभी तक नही हुआ है।

ग्राम बुद्धि जीवीयो धर्म गुरुओ स्थानीय जनप्रतिनिधियों ग्रामीणों की ने मांग की हे।मांग करने वालों में महावली खो मंदिर के महंत श्री सुखदेव महाराज जी, सुमित महाराज, दरगाह कमेटी के मौलाना अतीक़ुर्रहमान साहब,कारी कबीर, अख़्तर शाह, सैयद साजिद अली पटेल क़ासम शाह, नवाब बूंटा, असग़र शाह, बीजेपी नेता भागचंद चौरसिया उप सरपंच बृजेश जाटव, जनपद प्रतिनिधि रिज़वान खां, पूर्व जनपद खेमचंद चौरसिया, मोहनलाल जाटव, हिन्दू उत्सव समिति अध्यक्ष रवि चौरसिया, मुस्लिम त्योहार कमेटी अध्यक्ष खालिद मंसूरी,रिटायर डिप्टी रेंजर अब्दुल रज्जाक, मोहन माहेश्वरी,नीरज चौरसिया, सैयद आफ़ताब अली, सैयद दाऊद अली पटेल, सादी लाल सेन, गुलाब चोरसिया, ऋषभ जैन, राजेश ठाकुर, मुकेश धाकड़, भगवान सिंह धाकड़, अंकित जैन, विपिन जैन, ओंकार कुशवाह, संजय साहू, डाक्टर कैलाश सोनी, राजकुमार चौरसिया, सहित बड़ी संख्या में लोगों ने
क्षेत्रीय सांसद केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान पूर्व कैबिनेट मंत्री क्षेत्रीय विधायक डॉक्टर प्रभूराम चौधरी जी से मांग की है
दोनों धार्मिक स्थलों तक पक्की सड़कों के निर्माण तत्काल स्वीकृत कर कार्य शुरू किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।