सी के पारे रायसेन
क्षेत्र में गेहूं और चना की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन किसानों के सामने अब फसल को सुरक्षित रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। गांवों में पर्याप्त भंडारण व्यवस्था नहीं होने के कारण किसान अपनी उपज को घरों और खुले स्थानों पर रखने को मजबूर हैं।
इसी बीच समर्थन मूल्य पर खरीदी की तारीख आगे बढ़ने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि मौसम में लगातार बदलाव और आंधी-बारिश के खतरे के कारण लंबे समय तक फसल को घरों या खेतों में सुरक्षित रखना मुश्किल हो रहा है।

भंडारण की सुविधा नहीं होने के चलते कई किसान मजबूरी में अपनी गेहूं और चना की उपज स्थानीय व्यापारियों को कम दामों में बेचने पर विवश हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि मेहनत और लागत के बावजूद उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
किसानों के मुताबिक यदि जल्द खरीदी शुरू नहीं हुई तो उन्हें और अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। कई गांवों में किसानों ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि मौसम बिगड़ गया तो खुले में रखी फसल खराब होने का खतरा भी बढ़ जाएगा।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मंडियों में जल्द खरीदी प्रक्रिया शुरू कराई जाए और भंडारण व परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था की जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित समर्थन मूल्य मिल सके और उन्हें मजबूरी में फसल सस्ते दामों में न बेचनी पड़े।