विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक निःशुल्क एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है- प्रधान जिला न्यायाधीश
-शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना जरूरी- कलेक्टर श्री विश्वकर्मा
रायसेन। जिला न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायसेन द्वारा आयोजित मेगा लीगल आउटरीच एंड अवेयरनेस कैंप एवं वृहद विधिक सेवा प्रदर्शनी का प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री अनिल कुमार सोहाने, कलेक्टर श्री अरुण कुमार विश्वकर्मा तथा पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष गुप्ता द्वारा शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष ने कहा कि “न्याय केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक तक पहुंचना चाहिए। विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक निःशुल्क एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है। ऐसे शिविरों के माध्यम से आमजन को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाता है, जिससे वे आत्मनिर्भर एवं सशक्त बन सकें।” उन्होंने आगे कहा कि “मध्यस्थता (Mediation) विवादों के समाधान का एक सरल, त्वरित एवं प्रभावी माध्यम है। मध्यस्थता 2.0 अभियान के तहत लोगों को न्यायालय के बाहर आपसी सहमति से विवाद निपटाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे समय एवं संसाधनों की बचत होती है।” साथ ही उन्होंने आमजन से अपील की कि वे नालसा एवं विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा किसी भी विधिक समस्या के समाधान हेतु निःसंकोच प्राधिकरण से संपर्क करें।

कार्यक्रम में जिला कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ तभी सार्थक है जब उसकी जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। ऐसे विधिक जागरूकता शिविर नागरिकों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन सदैव आमजन के हित में कार्यरत है और विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ समन्वय स्थापित कर समाज के कमजोर वर्गों तक सहायता पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
नागरिकों को कानून की जानकारी होना भी अत्यंत आवश्यक है- पुलिस अधीक्षक
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक ने अपने उद्बोधन में कहा कि “कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नागरिकों को कानून की जानकारी होना भी अत्यंत आवश्यक है। जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज का निर्माण करते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “मध्यस्थता एवं आपसी संवाद के माध्यम से कई विवादों का समाधान बिना न्यायालय गए ही संभव है, जिससे समय और संसाधनों की बचत होती है।”
उक्त क्रम में श्री कमलेश कुमार इटावदिया, तृतीय जिला न्यायाधीष रायसेन, श्री सचिन जैन, प्रथम जिला न्यायाधीष रायसेन, श्री अनीस उद्दीन अब्बासी जिला विधिक सहायता अधिकारी, श्री जी.एस. मेहन्देले श्रम पदाधिकारी, श्री विनोद भोसले जिला समन्वयक आदिम जाति कल्याण विभाग रायसेन, श्री अजय सक्सेना चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल, श्री आनंद नेमा ब्लाक समन्वयक जन अभियान परिषद, श्री एच.बी. सेन संचालक केएसएस, श्री अतुल जाट उत्कर्ष नशा मुक्ति केंद्र सांची जिला रायसेन एवं श्रीमती प्रगति रैकवार पैरालीगल वालेंटियर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा भी अपने विचार व्यक्त किए गए।
शिविर का मुख्य उद्देश्य
इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजन को निःशुल्क विधिक परामर्श उपलब्ध कराना, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (SALSA) तथा विभिन्न शासकीय विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करना रहा। साथ ही, मध्यस्थता 2.0 अभियान एवं सामुदायिक मध्यस्थता के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। कार्यक्रम में जिला एवं तहसील मुख्यालय के समस्त न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण, जिला प्रशासन के अधिकारी व कर्मचारी, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ता, एनजीओ के सदस्य उपस्थित रहे।

वृहद विधिक सेवा प्रदर्शनी का आयोजन
कार्यक्रम में शासन के विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां नागरिकों को उनके अधिकारों, कानूनी प्रक्रियाओं एवं शासन की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। शिविर में उपस्थित विधिक विशेषज्ञों द्वारा लोगों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें उचित विधिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। उक्त विधिक सेवा प्रदर्षनी का माननीय प्रधान जिला न्यायाधीष महोदय, कलेक्टर महोदय, पुलिस अधीक्षक महोदय एवं अन्य न्यायिक अधिकारियों द्वारा निरीक्षण कर आवष्यक दिषा-निर्देष सम्प्रसारित किए गए।
इस अवसर पर न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्ता, शासकीय विभागों के अधिकारी/कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने एवं सशक्त बनने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का संचालन श्रीमती हर्षिणी यादव सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायसेन द्वारा किया गया। उनके द्वारा आमजन से अपील की गई कि वे अधिक से अधिक संख्या में ऐसे आयोजनों में भाग लेकर निःशुल्क विधिक सेवाओं का लाभ उठाएं। कार्यक्रम के अंत में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायसेन द्वारा सभी अतिथियों, विभागीय अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का संक्षिप्त समापन किया गया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि “इस प्रकार के विधिक जागरूकता शिविरों का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे, जिससे अधिक से अधिक लोग निःशुल्क विधिक सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।”