– करीब 11 एकड़ में स्थापित नर्सरी में फलदार पौधों का उत्पादन ठप, पानी और सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
स्थानीय ग्रामीणों विशेषतौर पर किसानों को फलदार वृक्ष और सब्जी उत्पादन के लिए प्रोत्साहित कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने के उद्देश्य से स्थापित उद्यान विभाग की गढ़ी स्थित नर्सरी आज बदहाली का शिकार हो गई है। लगभग तीन दशक पहले रायसेन जिले की गैरतगंज तहसील के कस्बा गढ़ी में करीब 11 एकड़ भूमि पर यह उद्यानिकी नर्सरी स्थापित की गई थी, लेकिन वर्तमान में यहां किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। नर्सरी की स्थापना का उद्देश्य किसानों को फलदार पौधे उपलब्ध कराना और उन्हें बागवानी के लिए प्रेरित करना था, ताकि शासन की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ उन्हें मिल सके। लेकिन वर्तमान में यहां फलदार पौधों के उत्पादन की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। नर्सरी परिसर में पानी की समुचित व्यवस्था का अभाव है, वहीं सुरक्षा व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है।

सागौन के पेड़ों से घिरी जमीन
नर्सरी की अधिकांश भूमि पर सागौन के पेड़ खड़े हैं। वहीं जमीन में मुरम अधिक होने के कारण यहां फलदार पौधों की पौध तैयार करना भी मुश्किल हो रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधि सरपंच सैयद मसूद अली पटेल, पूर्व सरपंच भागचंद चौरसिया, पूर्व कृषि सभापति खेमचंद चौरसिया, जनपद सदस्य प्रतिनिधि रिज़वान खां, उप सरपंच बृजेश जाटव, समाज सेवी मोहन जाटव, का कहना है कि जब तक इस जमीन में काली मिट्टी, देसी खाद और सिंचाई की समुचित व्यवस्था नहीं की जाएगी, तब तक नर्सरी का विकास संभव नहीं है।
तहसील की एकमात्र उद्यानिकी नर्सरी
पूरी गैरतगंज तहसील के किसानों के लिए यह एकमात्र उद्यानिकी नर्सरी है, लेकिन यहां किसानों के हित में कोई विशेष व्यवस्था दिखाई नहीं देती। विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों ने की नर्सरी को सक्रिय करने की मांग
किसानों और क्षेत्रीय लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि नर्सरी की बदहाल स्थिति पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर इसे पुनः सक्रिय किया जाए, ताकि किसानों को फलदार पौधे मिल सकें और वे सब्जी व बागवानी उत्पादन से अपनी आय बढ़ा सकें।
जल्द कराएंगे सुधार
गढ़ी उद्यानिकी नर्सरी के विकास कार्यों को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से पत्राचार कर अवगत कराया गया है। कुछ कार्यों की स्वीकृति भी मिल चुकी है और जल्द ही सुधार कार्य शुरू किए जाएंगे।
सुरेंद्र रघुवंशी, उद्यान अधीक्षक, गढ़ी