सुरेंद्र जैन धरसीवां रायपुर
धरसीवां के चरोदा से दौंदे की ओर जाने वाली जर्जर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क पर दुर्घटना का शिकार हुआ परिवार का एकमात्र सहारा सिद्धार्थ टंडन अठारह दिन जिंदगी ओर मौत से जूझने के बाद अंततः मौत से हार गया.
उद्योगों के भारी वाहनों से जर्जर हुई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क पर टाडा मोड पर वह 15 फरवरी की रात दुर्घटना का शिकार हुआ था मां ने कर्ज लेकर पांच लाख रुपए से अधिक इलाज में लगाए लेकिन अफसोस की सड़क को जर्जर करने वाले कोई भी उधोग या शासन प्रशासन इसके इलाज में कोई आर्थिक सहयोग के लिए हाथ नहीं बढ़ाए.नारायणा से उसे रिम्स में भर्ती किया जहां गुरुवार को चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया अब परिवार का क्या होगा ये बड़ा सवाल है क्योंकि परिवार का इकलौता सहारा तो जर्जर पीएम सड़क की भेंट चढ़ गया.