गोसाई मोहल्ले में परंपरा का अनोखा उत्सव
महिलाएं लठमारकर करती हे जुलूस वालों का स्वागत
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के अंतर्गत आने वाले दीवानगंज कस्बे के गोसाई मोहल्ले में हर वर्ष की तरह इस बार भी बरसाना की तर्ज पर पारंपरिक लठमार होली का आयोजन किया जाएगा। यह अनोखी परंपरा क्षेत्र में सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है, जिसे देखने आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
गोसाई मोहल्ले में होली के अवसर पर महिलाएं पुरुषों को प्रतीकात्मक रूप से लाठियों से प्रहार करती हैं, जबकि पुरुष ढाल लेकर बचाव करते हैं। इस दौरान फाग गीत, ढोल-मांदल और रंग-गुलाल के साथ पूरा मोहल्ला उत्सव में डूब जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह परंपरा वर्षों पुरानी है और इसे बरसाना की प्रसिद्ध लठमार होली से प्रेरणा लेकर शुरू किया गया था।
आयोजन के दौरान श्रद्धालु और दर्शक पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होते हैं, जिससे वातावरण ब्रज की होली जैसा प्रतीत होता है। कार्यक्रम के बाद सामूहिक फाग और प्रसाद वितरण भी किया जाता है।

ग्रामीणों के अनुसार, हमारे यहां की लठमार होली क्षेत्र की पहचान बन गई है। हर साल लोग इसका इंतजार करते हैं।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के बरसाना और नंदगांव की लठमार होली विश्व प्रसिद्ध है, जहां राधा-कृष्ण की लीला पर आधारित यह परंपरा सदियों से निभाई जा रही है। उसी परंपरा की झलक अब दीवानगंज के गोसाई मोहल्ले में भी देखने को मिलती है। गांव वाले जब जुलूस लेकर इस मोहल्ले में जाते हैं तो वहां की महिलाएं जुलूस वाला का स्वागत भी लठमार होली के द्वारा करती है हालांकि इससे किसी को कोई हानि नहीं पहुंचती है। बल्कि जुलूस वाले भी इन्हीं के साथ सम्मिलित होकर होली के पर्व को धूमधाम से मनाते हैं।