खमरिया बीट में सागौन की अवैध कटाई उजागर करने वाले युवक से वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने की मारपीट
-युवक को घर से उठाकर सिलवानी पश्चिम वन चौकी ले जाने के लगे आरोप
– रातभर रखा युवक को वन चौकी में युवक के साथ जमकर की
– कर्मचारियों ने मारपीट CCF ने भोपाल से जांच टीम भेजकर जांच करा कर कार्रवाई की बात
सिलवानी रायसेन। उप वन मंडल के अंतर्गत आने वाले वन परिक्षेत्र पश्चिम की खमरिया बीट में सागौन के पेड़ों की कथित अवैध कटाई का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। ग्राम खेरी निवासी युवक आजाद खा द्वारा अवैध कटाई के वीडियो और फोटो उच्च अधिकारियों को भेजे जाने के बाद वन विभाग के कर्मचारियों पर युवक के साथ मारपीट और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगे हैं।

परिजनों का आरोप है कि बुधवार देर रात वन विभाग की टीम गांव खेरी पहुंची और आजाद खा को घर से उठाकर सिलवानी स्थित वन विभाग कार्यालय परिसर की पश्चिम चौकी ले गई। यहां युवक को रातभर कमरे में बंद रखा गया और उसके साथ मारपीट की गई। मारपीट के कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद युवक को बेहोशी की हालत में वन विभाग और पुलिस की टीम युवक को सिलवानी सिविल अस्पताल लेकर पहुंची। जहां प्राथमिक उपचार के बाद होश आने पर युवक को वन विभाग द्वारा रायसेन ले जाया गया।

जानकारी के अनुसार पीड़ित युवक के पिता अर्जुन कमरान ने आरोप लगाया कि वन विभाग के कुछ कर्मचारी और अधिकारी उनके बेटे को वन विभाग के एक पुराने प्रकरण का हवाला देकर दबाव बना रहे थे। उन्होंने कहा कि बेटे को वन्यजीव शिकार, गांजा तस्करी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी गई। है हम प्रशासन से मांग करतें हैं कि दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाये
परिजनों का कहना है कि यदि युवक ने अवैध कटाई के वीडियो अधिकारियों को न भेजे होते तो उसके साथ ऐसा व्यवहार नहीं होता। पीड़ित परिवार के अनुसार आजाद खा ने खमरिया बीट में बड़े पैमाने पर सागौन की अवैध कटाई के वीडियो और फोटो जिला स्तर डीएफओ से लेकर भोपाल स्थित वरिष्ठ अधिकारी पीसीसीएफ तक भेजे गये वीडियो सामने आने के बाद विभागीय हलचल तेज हुई थी।

स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि क्षेत्र में लंबे समय से सागौन की अवैध कटाई जारी है और जंगल में कई स्थानों पर ठूंठ साफ देखे जा सकते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच हो तो बड़े स्तर पर सागौन तस्करी का खुलासा हो सकता है। एक और जंगल में सागौन की कथित अवैध कटाई के आरोप दूसरी और शिकायतकर्ता युवक के साथ मारपीट और प्रताड़ना के दावे इन दोनों घटनाओं ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यदि आरोप जांच में सही साबित होते हैं तो मामला सिर्फ अवैध कटाई तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि यह शिकायतकर्ता को दबाने की कोशिश के रूप में भी देखा जायेगा। प्रशासनिक जांच की घोषणा के बाद अब क्षेत्रवासियों की निगाहें आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
बही इस पूरे मामले को लेकर मध्य प्रदेश वन विभाग के अधिकारी CCF ने मीडिया से चर्चा में कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए भोपाल से टीम भेजी जायेगी। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जायेगी।