जर्जर पीएम सड़क से टूटा गरीब परिवार पर मुसीबत का पहाड़ जिंदगी ओर मौत से जूझ रहा परिवार का इकलौता सहारा
सुरेंद्र जैन धरसीवां रायपुर
जिस प्रधानमंत्री ग्राम सड़क का निर्माण ग्रामीणों के सुगम यातायात के लिए किया गया था वही पीएम सड़क यदि ग्रामीणों के लिए जानलेवा बन जाए तो फिर उस प्रधानमंत्री ग्राम सड़क का क्या मतलब.
धरसीवा के चरोदा से मोहदी गांव की ओर जाने वाली पीएम सड़क का निर्माण भी ग्रामीणों के सुगम यातायात को हुआ था लेकिन रास्ते में उधोग स्थापित होते गए ओर फिर इस पीएम सड़क पर चालीस चालीस टन क्षमता के मालवाहक वाहन निरंतर चलने लगे जिससे सड़क जर्जर होकर ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गई.मोहदी टाडा नगरगांव सहित दर्जनों गांव के ग्रामीण स्कूली बच्चे किसान सभी के लिए उद्योगों के वाहन इस सड़क पर काल बनकर दौड़ने लगे..इसी सड़क पर सांकरा निवासी सिद्धार्थ उर्फ सूर्या टंडन बाइक से फिसलकर बेहोश हुआ तो अब तक होश में नहीं आया.
बहोरीबंद से मेला देखकर आते समय जर्जर पीएम सड़क पर धूल डस्ट उड़ाते काल बनकर दौड़ते वाहनों से उड़ती धूल डस्ट के बीच रात के समय वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया जर्जर मार्ग पर वह फिसला है या किसी उधोग के वाहन ने टक्कर मारी यह स्पष्ट नहीं हुआ.सिद्धार्थ उर्फ सूर्या टंडन गंभीर हालत में सड़क पर बेहोस पड़ा था जिसे टाडा सरपंच ने अस्पताल पहुंचाया ओर परिजनों को सूचना दी धरसीवा अस्पताल से परिजन नारायण हॉस्पिटल रायपुर ले गए.गरीब परिवार का इकलौता सहारा सिद्धार्थ जर्जर पीएम सड़क के कारण एक सप्ताह से नारायणा में जिंदगी ओर मौत से जूझ रहा है.सिद्धार्थ की मां ओर बहिन का कहना है कि वह कर्ज लेकर अब तक साढ़े तीन लाख रुपए इलाज में लगा चुके पचास हजार रुपए प्रतिदिन खर्च हो रहा है सिद्धार्थ के पिता नंदकुलमार का कुछ साल पहले निधन हो चुका अब मां छोटी बहिन ओर विकलांग भाई का वही एक सहारा है.नारायणा हॉस्पिटल के न्यूरोसर्जन डॉ रूपेश वर्मा ने बताया कि सिद्धार्थ बेंटिलेटर पर है क्योंकि उसकी चेहरे की हड्डी टूटी है सर में चोट है एक हाथ भी फैक्चर है वह होश में अब तक नहीं आया है इसलिए निमोनिया के चलते उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है उसे होश में आने में तीन सप्ताह का समय ओर लग सकता है उसके इलाज में लगभग दस बारह लाख रुपए ओर खर्च होगे.अब सवाल ये उठता है कि जो पीएम सड़क उद्योगों ने जर्जर की उद्योगों के वाहनों के कारण ग्रामीणों के लिए काल बनने लगी क्या वह परिवार के इस इकलौते सहारे को बचाने उसके इलाज का खर्च उठाएंगे।