सी के पारे रायसेन
मध्यप्रदेश में खाद वितरण को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। अब बिना ई-टोकन के खाद बेचने वाले विक्रेताओं पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सभी किसान पहले ऑनलाइन ई-टोकन प्राप्त करें, उसके बाद ही उन्हें उर्वरक दिया जाए।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई विक्रेता नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसका लाइसेंस निलंबित या निरस्त किया जा सकता है। साथ ही संबंधित विक्रेता के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
ई-टोकन व्यवस्था का उद्देश्य खाद वितरण में पारदर्शिता लाना और कालाबाजारी पर रोक लगाना है। किसान विभाग की अधिकृत वेबसाइट पर जाकर आधार नंबर के माध्यम से अपना टोकन बना सकते हैं।
प्रशासन द्वारा समय-समय पर निरीक्षण भी किया जा रहा है ताकि किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही खाद उपलब्ध हो सके। किसानों से अपील की गई है कि वे बिना टोकन खाद न लें और किसी भी अनियमितता की सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें।