-बालमपुर घाटी पर रेलिंग 6 माह से धराशायी, किसी भी दिन हो सकता है बड़ा हादसा
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल–विदिशा स्टेट हाईवे 18 पर पिछले वर्ष एमपी आरडीसी द्वारा कराए गए डामरीकरण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ कि सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे उभर आए हैं। वहीं बालमपुर घाटी पर सुरक्षा के लिए लगाई गई दोनों ओर की लोहे की रेलिंग पिछले करीब छह महीने से जमीन पर पड़ी है, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना करीब 12 हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, जिनमें भारी वाणिज्यिक वाहन भी शामिल हैं। एमपीआरडीसी द्वारा टोल टैक्स वसूली जारी है, लेकिन सड़क की मरम्मत और रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। 40 किलोमीटर मार्ग पर कई जगह गड्ढे उभर आए हैं जिनसे चलने वाले राहगीर और वाहन चालक परेशान हो रहे हैं। वाहन चालक इन गड्ढों को बचाने के चक्कर में एक दूसरे से भिंड जाते हैं जिससे दुर्घटनाओं में देना दिन बढ़ोतरी हो रही है।
बारिश खत्म हुए करीब छह माह बीत चुके हैं, इसके बावजूद सड़क की साफ-सफाई और पैचवर्क तक नहीं हुआ। कई स्थानों पर गड्ढे इतने गहरे हो गए हैं कि वाहन चालक अचानक ब्रेक लगाने को मजबूर हो जाते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

ग्रामीणों और वाहन चालकों ने मांग की है कि हाईवे 18 की तत्काल मरम्मत, गड्ढा-मुक्त अभियान और बालमपुर घाटी पर रेलिंग दोबारा स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
पिछले 12 महीना में इस रोड पर छोटी बड़ी 200 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें अभी तक 28 लोगों की मौत हो गई है तो 200 से ज्यादा घायल हो चुके हैं। आसपास के ग्रामीणों ने कहा है कि यदि रोड जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।
ग्रामीणों का कहना हे
एमपी आरडीसी द्वारा बारिश के बाद रोड के दोनों साइटों को साफ नहीं किया गया है जिससे स्पष्ट रोड दिखाई नहीं देता मोड़ों पर वाहन आते हैं लेकिन झाड़ियां के कारण दिखाई नहीं देते जिससे दुर्घटनाएं हो जाती है।
मुकेश अहिरवार स्थानीय निवासी
रोड के दोनों तरफ साइट काफी नीचे हो गई है कोई वाहन चालक आगर रोड से नीचे उतर जाए तो उसको रोड पर आने के लिए काफी समय लग जाता है वाहन को रोड पर चढ़ाते है तो स्लिप मर जाता है एमपीआरडीसी को दोनों तरफ साइट भरना चाहिए।
अंकित साहू स्थानीय निवासी