– 9 दिवसीय आयोजन का भव्य समापन, खिलाड़ियों के जोश और खेल भावना ने जीता दिल
भोपाल। प्रगत शैक्षिक अध्ययन संस्थान, भोपाल में आयोजित 9 दिवसीय वार्षिक खेल महोत्सव का समापन उत्साह और रोमांच से भरपूर फाइनल मुकाबलों के साथ हुआ।
अंतिम दिवस पर खेल मैदान खिलाड़ियों के जोश, प्रतिस्पर्धा और खेल भावना का केंद्र बना रहा। बी.एड. एवं एम.एड. के महिला व पुरुष छात्राध्यापकों के मध्य सदन स्तरीय फाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। समापन दिवस पर खो-खो, क्रिकेट, कैरम सहित विभिन्न खेलों के फाइनल मुकाबले खेले गए। मेंटर्स और छात्राध्यापकों के बीच हुए मैत्री क्रिकेट मैच ने भी दर्शकों का विशेष आकर्षण खींचा। पूरे दिन मैदान में उत्साह पूर्ण माहौल बना रहा और दर्शकों की तालियों से परिसर गूंजता रहा।

कार्यक्रम के दौरान संस्थान के संचालक डॉ. रामकुमार स्वर्णकार सहित डॉ. भारती श्रीवास्तव, डॉ. रश्मि जैन, डॉ. अजरा आसिफ, डॉ. संचिता जैन, डॉ. सपना जैन, डॉ. रजनी अग्रवाल, अन्नू एस. मैथ्यू, वर्षा पोर्लिकर, रचना श्रीवास्तव, अर्चना श्रीवास्तव, नीतू रत्नाकर, खेल प्रभारी अर्चना चौहान, सुशील गुप्ता, प्रकाश छिरोलिया एवं महासदन प्रभारी ललित नारायण बुधौलिया उपस्थित रहे। अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी।
समापन अवसर पर संचालक डॉ. रामकुमार स्वर्णकार ने कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम हैं। इससे शारीरिक क्षमता के साथ नेतृत्व, अनुशासन, आत्मविश्वास और टीमवर्क जैसी महत्वपूर्ण जीवनोपयोगी क्षमताओं का विकास होता है। उन्होंने खिलाड़ियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए खेल भावना बनाए रखने का संदेश दिया। महिला एवं पुरुष वर्ग में चारों सदनों बेतवा, नर्मदा, ताप्ती और चंबल के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। रणनीति, संयम और सामूहिक प्रयास के चलते अधिकांश मुकाबले अंतिम क्षणों तक रोमांचक बने रहे।
खेल प्रभारी अर्चना चौहान एवं महासदन प्रभारी ललित नारायण बुधौलिया ने बताया कि 9 दिवसीय खेल महोत्सव में दौड़, गोला फेंक, रस्सीकूद, क्रिकेट, खो-खो, शतरंज, कैरम और रस्साकसी जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें महिला और पुरुष वर्ग की अलग-अलग प्रतिस्पर्धाएं कराई गईं। सफल आयोजन में सभी छात्राध्यापकों और स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा। इस मौके पर आईएएसई स्टाफ के मनोज श्रीवास्तव, बैजनाथ बाघमारे, विजय बहादुर सिंह, अनिता गुरुनानी, मयूर दुबे, दीपांकर, आनंद द्विवेदी, चंद्रमोहन चौहान सहित अन्य लोग ।मौजूद रहे।