शरद शर्मा बेगमगंज रायसेन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में 20 दिसंबर से 20 जनवरी तक मंडल एवं बस्ती स्तर पर भव्य एवं दिव्य हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार 20 जनवरी को बेगमगंज के सियावास नगर में भव्य हिंदू सम्मेलन का सफल आयोजन संपन्न हुआ।

हिंदू सम्मेलन को लेकर पिछले 15 दिनों से लगातार बैठकों का दौर चला। आयोजन समिति एवं कार्यकर्ताओं द्वारा सभी बस्तियों में भारत माता की आरती का आयोजन किया गया। साथ ही घर-घर जाकर पीले चावल एवं आमंत्रण पत्र देकर सभी समाजबंधुओं को सम्मेलन में आमंत्रित किया गया। सम्मेलन की तैयारियों में सभी कार्यकर्ता पिछले 15 दिनों से निरंतर जुटे रहे, जिसके चलते पूरे नगर में अद्भुत एवं भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।

सम्मेलन की पूर्व संध्या पर हिंदू परिवारों द्वारा अपने-अपने घरों के सामने दीप प्रज्वलित किए गए तथा प्रातःकाल रंगोलियां सजाई गईं। मातृशक्ति का उत्साह विशेष रूप से देखने को मिला। प्रत्येक परिवार से माताएं, बहनें एवं बालिकाएं कलश यात्रा में सम्मिलित हुईं। यह कलश यात्रा इतनी भव्य रही कि नगरवासी देखते ही रह गए। यात्रा में अखाड़ों की भी बड़ी संख्या में सहभागिता रही। वहीं मातृशक्ति ने मां दुर्गा एवं झांसी की रानी के स्वरूप में घोड़े पर सवार होकर सभी का ध्यान आकर्षित किया।

सम्मेलन के दौरान गोपूजन एवं गणेश पूजन का भी आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक विमल गुप्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदू समाज की सभी समस्याओं का एकमात्र समाधान समाज की एकता में निहित है। उन्होंने कहा कि “उलझे हुए सभी प्रश्नों का उत्तर केवल एक है—हम सब एक हिंदू हैं।” हिंदू समाज की एकता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि इसी एकता के कारण भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हो सका। हमारे पूर्वज एकजुट होकर रहते थे, उनमें कोई भेदभाव नहीं था, इसी कारण भारत विश्वगुरु बना। आज फिर समाज को उसी दिशा में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।उन्होंने समाज से कुरीतियों, भेदभाव एवं छुआछूत को समाप्त करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में संत श्री ओमप्रकाश जी (केरवाना धाम आश्रम, चंद्रपुर) ने भी समाज को एकजुट रहने का संदेश देते हुए कहा—“जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई।” वहीं आर्य समाज से दीप्ति दीदी ने अपने उद्बोधन में समाज को एकजुट होकर सामाजिक बुराइयों पर विजय प्राप्त करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंत में भारत माता की संगीतमय भाव आरती की गई, जिसमें जनसमूह का उत्साह चरम पर रहा। सम्मेलन में लगभग 10 हजार लोगों ने भंडारे में सहभागिता की और एक साथ बैठकर भोजन किया।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजन समिति द्वारा शासन-प्रशासन सहित कार्यक्रम में सहयोग करने वाले सभी संगठनों, कार्यकर्ताओं एवं नगरवासियों का आभार व्यक्त किया गया।