शरद शर्मा बेगमगंज रायसेन
कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने पीएमसी शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल का औचक निरीक्षण किए जाने के पश्चात छात्राओं की क्लास ली और उन्हें पढ़ाई पर फोकस करने के टिप्स दिए ।
कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा ने प्रत्यक्ष रूप से स्कूल की व्यवस्था का जायजा लेकर एक-एक क्लास में 80- 80 छात्राओं को बैठा देखकर आश्चर्य व्यक्त किया।स्कूल में 1700 से ऊपर छात्राएं होने के कारण स्थान का अभाव बना हुआ है ।फिर भी मजबूरी बस छात्राएं पढ़ाई कर रही है।
कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने निरीक्षण के पश्चात छात्राओं की क्लास लेते हुए उनसे पूछा कि घर से आने-जाने एवं पढ़ाई में कितना समय लगता है और वह मोबाइल या टीवी पर इतना समय व्यतीत करती हैं ओर कितने घण्टे पढ़ाई करती है। इस बीच छात्राओं ने उनके द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए लेकिन कलेक्टर विश्वकर्मा ने संवाद के दौरान उन्हें सफल होने के टिप्स देते हुए कहा कि जितना ध्यान आप टीवी पर फोकस करती हैं , जिससे आपके आसपास की किसी भी गतिविधि का पता नहीं होता है ऐसा ही ध्यान आप अपनी पढ़ाई पर फोकस करें तो जिंदगी सफल हो जाएगी। आपकी पढ़ाई माता-पिता को सम्मान दिलाने के साथ उन्हें आत्म सम्मान का संतोष कराएगी , उन्हें लगेगा के उन्होंने अपने बच्चों के लिए जैसा सोचा था वैसा वह बन गए , बस उनका जीवन सफल हो गया । आपको प्रतिदिन मात्र तीन से चार घंटे की लगनशील पढ़ाई आपको सफलता की ऊंचाई पर पहुंचाएगी।
उन्होंने आपको तब तक पढ़ना चाहिए जब तक की आपके माता-पिता आपसे यह न कह दें , पढ़ाई बहुत हुई अब चलो थोड़ा मनोरंजन कर लेते हैं।

तब आपकी यही जीत होगी
अंत में उन्होंने सभी छात्राओं से संकल्प लिया कि वह प्रतिदिन तीन से चार घंटे आवश्यक रूप से एकाग्रचित्र होकर केवल पढ़ाई करेंगी और परीक्षा में उच्च नंबरों से पास होकर दिखाएंगी।
इस अवसर पर एसडीएम सौरभ मिश्रा , तहसीलदार प्रमोद उइके , बीईओ व प्राचार्य राजेंद्र श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को अवगत कराया गया कि स्कूल में स्थान कम होने के कारण प्राचार्य राजेंद्र श्रीवास्तव द्वारा जनसहयोग से चार अतिरिक्त कक्षाओं का निर्माण कराया जा रहा है ।जिसकी उन्होंने मुक्तकंठ से प्रशंसा की
मीडियाकर्मियों से चर्चा के दौरान कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि छात्राओं से संवाद के दौरान उन्होंने पाया कि उनमें अच्छा टैलेंट है , बस उन्हें मोटिवेट करने की जरूरत है ताकि वह परीक्षा में अच्छा कर सकें । उन्हें अपने लक्ष्य पर ही ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित किया गया है , वह केवल परीक्षा के मद्देनजर पढ़ाई पर फोकस कर ध्यान दें।