– धनको बाई और मायावती बनीं स्वावलंबन की मिसाल
– सफलता की कहानी
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों की कड़ी में महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत “एक बगिया माँ के नाम” परियोजना नई दिशा में महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की राह बना रही है। इस योजना से न केवल महिलाओं को आजीविका का स्थायी माध्यम मिल रहा है, बल्कि ग्रामीण अंचलों में हरियाली और पर्यावरण संरक्षण को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।
शिवपुरी जिले के कोलारस विकासखंड के ग्राम मोहराई और राजगढ़ की स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिला हितग्राही श्रीमती धनको बाई और श्रीमती मायावती इस योजना का प्रत्यक्ष उदाहरण बनी हैं। जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. अरविंद भार्गव एवं ब्लॉक मैनेजर संजय चौहान के मार्गदर्शन में दोनों हितग्राहियों के खेत पर फलोद्यान का कार्य किया गया। ग्राम मोहराई निवासी श्रीमती धनको बाई के खेत पर आम के पौधों का रोपण किया गया, जबकि ग्राम राजगढ़ की श्रीमती मायावती के खेत पर अमरूद के पौधे लगाए गए हैं। पौधों की सुरक्षा हेतु तार फेंसिंग का कार्य भी समय सीमा में संपन्न कराया गया। दोनों हितग्राहियों ने पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी स्वयं ली है और उन्हें जीवित रखकर बगिया के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया है। योजनांतर्गत बगिया निर्माण से न केवल कृषक महिलाओं की आर्थिक आय में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण परिवेश में महिला स्वावलंबन का सशक्त संदेश भी जाएगा।
एक बगिया माँ के नाम के माध्यम से अपने खेतों पर फलोद्यान विकसित कर रही श्रीमती धनको बाई और श्रीमती मायावती ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जिला प्रशासन शिवपुरी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना उनके जीवन में नई उम्मीद लेकर आई है अब उनकी बगिया न सिर्फ हरियाली देगी, बल्कि समृद्धि की कहानी भी लिखेगी। दोनों हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं जिला प्रशासन को हृदय से धन्यवाद दे रही हैं।