पं. नवीन बिहारी महाराज के मुखारबिंद से रामकथा में भगवान राम के चरित्र का चित्रण
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
सनातन धर्म और श्रीराम कथा मनुष्य को शौर्यवान एवं पराक्रमी बनने की प्रेरणा देती है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का चरित्र न केवल चित्त और चरित्र का शोधन करता है, बल्कि जीवन को मर्यादा, नीति और साहस के मार्ग पर अग्रसर करता है। यह विचार मानस प्रांगण में आयोजित श्रीराम कथा के प्रथम दिवस कथा प्रवक्ता पं. नवीन बिहारी महाराज ने व्यक्त किए।
श्रीराम कथा का शुभारंभ बुधवार को गैरतगंज में निकाली गई भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। शोभायात्रा श्रीराम जानकी मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए कथा स्थल मानस प्रांगण पहुंची। शोभायात्रा में महिलाएं एवं कन्याएं कलश धारण कर शामिल हुईं, वहीं बड़ी संख्या में युवक बाजे-गाजे के साथ चल रहे थे। महिलाएं मंगल गीत गाते हुए वातावरण को भक्तिमय बना रही थीं।

श्रीरामचरित मानस सांस्कृतिक कल्याण समिति के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक आयोजन के अवसर पर विधिविधान से पूजन-अर्चन किया गया। कथा प्रवक्ता पं. नवीन बिहारी महाराज (संस्थापक, गौपीठ सुरखी) ने भगवान श्रीराम कथा के महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रामायण में जीवन की प्रत्येक समस्या का समाधान निहित है, आवश्यकता केवल उसके अध्ययन, चिंतन और मनन की है। उन्होंने सभी सनातनियों से धर्म, नीति और मर्यादा के मार्ग पर चलने का आह्वान भी किया।
कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। समिति द्वारा बताया गया कि मानस प्रांगण में 16 दिसंबर तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक श्रीराम कथा का आयोजन किया जाएगा। समिति ने अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धालुओं से कथा में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।