विश्वधरोहर सांची में हस्ताक्षर कर किया बाल विवाह का विरोध 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान अंतर्गत पर्यटकों ने की सहभागिता
देश विदेश के 800 से अधिक पर्यटकों ने किए हस्ताक्षर
1 नवम्बर से 30 जनवरी तक चलेगा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान
रायसेन। विश्वधरोहर सांची में देश विदेश से सांची महोत्सव में आये पर्यटकों को शनिवार कृषक सहयोग संस्थान के कार्यकर्ताओं ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की जानकारी दी। दोपहर 11 बजे से शाम 5 बजे तक सैकड़ों पर्यटकों ने हस्ताक्षर कर बाल विवाह के विरोध में हस्ताक्षर कर विरोध दर्ज किया। इस अवसर पर 800 से अधिक पर्यटकों ने देश से बाल विवाह बाल श्रम जैसे कलंक को मिटाने का संकल्प भी लिया।
जिला समन्वयक अनिल भवरे ने बताया कि यह अभियान 1 नवंबर से 30 जनवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा। 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त अभियान के अंतर्गत कृषक सहयोग संस्थान के कार्यकर्ताओं के प्रयास की देश के विभिन्न प्रदेशों से आए पर्यटकों ने सराहना की।

रायसेन को बाल श्रम मुक्त बनाने का संकल्प-
संस्था प्रमुख एच बी सेन बताया कि 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आज राष्ट्रीय स्मारक सांची में हस्ताक्षर करवाकर पर्यटकों को बाल विवाह के प्रति जगरूक किया। उन्होंने बताया कि संस्था रायसेन जिले में बच्चों के अधिकार संरक्षण कर उन तक न्याय की पहुंच बनाने के लिए कार्यरत है। इस अभियान में जिले के लोगों को जागरुक कर जिले को बाल विवाह, श्रम,बाल तस्करी मुक्त बनाने में सहभागी होने की सपथ भी दिलाई जाएगी।

बाल श्रम विरोधी अभियान से जुड़े पर्यटक –
जिला समन्वयक अनिल भवरे ने बतया कि आज विश्व धरोहर सांची में इस अभियान में लगभग 800 से अधिक पर्यटकों ने हस्ताक्षर किए। इसमें महाराष्ट्र उत्तरप्रदेश,बिहार,गुजरात उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के आसपास के जिले से आए पर्यटकों ने हस्ताक्षर कर अभियान में सहभागिता निभाई। पर्यटकों ने बाल विवाह के कलंक को देश से मिटाने के लिए संकल्प भी लिया। संस्था के मोनिका ठाकरे, शिवनारायण सराठे,राजकुमार साहू ने बताया कि इसमें प्रसासनिक शिक्षक वकील प्रोफेसर उद्योगपति और विभिन्न प्रदेशों से आए पर्यटकों ने बाल श्रम के विरोध में अपने विचार व्यक्त किये।