मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
गणेश चतुर्थी को लेकर कस्बा में दिनभर रौनक रही। बाजारोंं में महिलाओं, बच्चों और युवाओं ने गणेश मूर्तियां व उसके पूजन के सामान की खरीदारी की। इस बार इको फ्रेंडली यानी पर्यावरण के अनुकूल मूर्तियों की मांग ज्यादा अधिक रही।
अंबाडी के अयोध्या धाम मंदिर चौराह पर प्रजापति समाज के प्रतिमा कलाकारों ने अपनी दुकान लगाई हुई थी जहां पर मिट्टी के गणेश की खरीददारी करते लोग दिखे। मिट्टी से बने गणपति की प्रतिमा घर घर में स्थापित कर पर्यावरण की रक्षा का आम जनों ने संदेश दिया। बाजार में बच्चों से लेकर बड़ों तक विघ्नहर्ता गणेश जी की मूर्तियां अपने घरों को ले जा रहे हैं। इस बार बाजार में पगड़ी पहने हुए गणेश की विशेष मांग रही। पूजा एवं अन्य सजावट की सामग्री की भी खूब बिक्री हुई। इसके अलावा मोहल्लों में भी कई जगह गणेश मूर्तियां रखी जा रही हैं।

विनायक चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक चलने वाले गणेश महोत्सव का शुभारंभ बुधवार से शुरू हो गया। दस दिन तक चलने वाले इस त्योहार को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। बाजारों में सुबह से ही गणेश मूर्तियों की दुकानें सज गई थी कस्बा में लोग पंडालों के अलावा अपने घरों में भी मूर्तियों की स्थापना करते हैं। बाजार में 151 से 10001 रुपये तक की मूर्तियां उपलब्ध हैं। बाजार में शृंगार के सामान की बहुत बिक्री हुई। कई लोगों ने दस दिन के अलग-अलग वस्त्र लिए, तो कुछ ने आर्टिफिशियल जेवरात की खरीदारी की। प्रथम पूज्य देव को सभी अपने घर ले जाने के लिए आतुर दिखाई दिए।
कई भक्तों द्वारा ढोल नगाड़ों और डीजे के साथ बप्पा जी की मूर्तियां अपने-अपने गांव ले जाते दिखे। जहां पर देर रात तक विधि विधान के साथ स्थापना की जाएगी। बप्पा को ले जाते समय भक्तों द्वारा डीजे ढोल नगाड़े के साथ नाचते गाते हुए चल रहे थे।