उदयपुरा रायसेन।ग्राम बारहकला में संस्कृत भाषा और गोसंवर्धन को समर्पित एक नई पहल हुई है। परम विद्वान पंडित देवकीनंदन शास्त्री ‘नर्मदा खंड केशरी’ के नाम पर शासकीय संस्कृत विद्यालय की शुरुआत की गई। पूर्व मंत्री रामपाल सिंह राजपूत ने विद्यालय का शुभारंभ किया

। यह रायसेन जिले का एकमात्र शासकीय संस्कृत विद्यालय है। इसकी पहल उनके शिष्य भरत सिंह राजपूत ने की। उद्घाटन अवसर पर क्षेत्रीय संत-महंतों, आचायों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। इसी मौके पर नर्मदा खंड केशरी गौशाला भवन का भी लोकार्पण हुआ। चौरास नर्मदा मंदिर महंत त्यागी जी महाराज, पागल बाबा और नेपाली बाबा ने संस्कृत उत्थान व गोसंवर्धन के प्रयासों की सराहना करते हुए आशीर्वचन दिए। प्रधानाचार्य माधव भाटेले ने बताया कि अब तक 28 छात्रों ने प्रवेश लिया है।

पूर्व मंत्री रामपाल सिंह ने विद्यालय और गोशाला के लिए सहयोग का भरोसा दिलाया। परिसर में वृक्षारोपण भी किया।इस दौरान नक्षत्र वाटिका के पौधे भी लगाए गए। सरपंच गुडपाल सिंह राजपूत और उनके प्रयासों की सराहना की गई। कार्यक्रम में धर्मेंद्र सिंह राजपूत, चतुर नारायण रघु, कुलदीप बिश्नोई, कमलेश पटेल, संजय रघुवंशी, अवधेश प्रताप सिंह, रामप्रकाश शास्त्री और महेश दुबे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।