सुरेंद्र जैन धरसीवां
सांकरा के पड़ोसी गांव सोंडरा के डॉक घर में पदस्थ शाखा डॉक पाल अचानक से गायब हो गया लाखों रुपए के साथ रहस्यमयी ढंग से सोमवार से उसके गायब होने की खबर से जमाकर्ताओं के पसीने छूट रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक पड़ोसी गांव सोंडरा का पोस्ट ऑफिस गांव के रावणचोक में स्थित रंग मंच में स्थापित हुआ है जहां सुबह से दोपहर ढाई बजे तक आसपास के छह गांव के ग्रामीण पैसे जमा करने ओर अन्य कार्यों को पोस्ट ऑफिस आते हैं।

ढाई बजे बंद का समय लेकिन बारह बजे हो गया बंद
सहायक डॉक पाल गजानंद साहू ने बताया कि प्रतिदिन सुबह नौ साढ़े नौ बजे तक डॉक पाल योगेश शर्मा पोस्ट ऑफिस आते थे और दो ढाई बजे बंद करते थे लेकिन वह सुबह आठ बजे आकर डॉक वितरित करने जाते है सोमवार को भी वह सुबह आठ बजे आए और करीब साढ़े नौ बजे शाखा डॉक पाल योगेश शर्मा पहुंचे इसके बाद वह डॉक वितरित करने निकल गए करीब ग्यारह साढ़े ग्यारह बजे जब वह डॉक बांटकर वापस आ रहे थे तो किसी का काल आया कि पोस्ट ऑफिस बंद हो गया है तो उन्होंने सोचा कि शायद शाखा डॉक पाल योगेश जी पोस्ट ऑफिस बंद कर बिरगांव पोस्ट ऑफिस निकल गए होंगे इसलिए वह मेटल पार्क से सीधे बिरगांव निकल गए लेकिन शाखा डॉक पाल जी बिरगांव पोस्ट ऑफिस नहीं पहुंचे तब उन्हें काल किया तो उनका नंबर लगातार बंद बताने से संदेह हुआ
सहायक डॉक पाल गजानंद ने बताया कि प्रतिदिन पोस्ट ऑफिस में लगभग तीस पैंतीस हजार रुपए नगद जमा होते हैं अब शाखा डॉक पाल के पास कितने दिन की जमा राशि नगदी थी यह जांच का विषय है
*संभागीय उप निरीक्षक ने की जांच शुरू*
सोंडरा पोस्ट ऑफिस में पदस्थ शाखा डॉक पाल के रहस्यमयीं ढंग गायब होने की जानकारी के बाद मंगलवार की शाम संभागीय उप निरीक्षक सुरेंद्र साहू पोस्ट ऑफिस पहुंचे और विभागीय स्तर पर जांच शुरू की तो पोस्ट ऑफिस की दराज में करीब पच्चीस हजार रुपए नगदी मिले इससे असमंजस की स्थिति निर्मित हो गई वह यह की करीब पौने दो लाख रुपए के साथ रहस्यममयी ढंग से गायब शाखा डॉक पाल को यदि रुपए लेकर भागना होता तो फिर वह दराज में करीब पच्चीस हजार रुपए क्यों छोड़ता पूरा ले जाता संभावना यहीं भी जताई जा रही की कहीं उसके साथ कोई अनहोनी तो नहीं हुई संभागीय उप निरीक्षक सुरेंद्र साहू ने कहा कि विभागीय अधिकारियों को अवगत कराने के बाद पुलिस में रिपोर्ट की जाएगी।
*छह गांव के ग्रामीण करते हैं नगदी जमा*
इस पोस्ट ऑफिस में छह गांव के ग्रामीण पोस्ट ऑफिस में अपने खून पसीने की कमाई जमा करते हैं कई जमाकर्ताओं के मोबाइल नंबर खाते से जुड़े न होने से उन्हें यह भी पता नहीं चलता कि स्थानीय पोस्ट ऑफिस में जमा राशि बिरगांव के मुख्य डाकघर में जमा हुई की नहीं ऐसे में आशंका यह भी जताई जा रही की कहीं राशि ओर अधिक न हो।