नर्मदा पुराण कथा का आयोजन
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
हिन्दू संस्कृति में मां नर्मदा का सर्वोपरि है, मां नर्मदा में स्नान तो दूर उनके दर्शन मात्र से ही मानव समाज का उद्धार निश्चित हो जाता है। उक्त उदगार क्षेत्र के सिद्ध क्षेत्र पठरिया धाम पर चल रही नर्मदा पुराण कथा में कथा वाचक द्वारा कही गई।
पठरिया धाम में चल रही सप्तदिवसीय माँ नर्मदा पुराण कथा के तृतीय दिवस की बेला में कथा प्रवक्ता आचार्य श्री सोमदेव जी महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि मां नर्मदा समस्त लोगों को पुण्य प्रदान करने वाली हैं मां नर्मदा के दर्शन मात्र से मनुष्य का कल्याण हो जाता है। उन्होंने भारत वर्ष में विधमान धार्मिक नदियों के बारे में बताते हुए कहा कि सरस्वती नदी का जल तीन दिन, यमुना नदी का जल 7 दिन में तो गंगा नदी का जल शीघ्र पवित्र करता है परंतु मां नर्मदा का जल दर्शन मात्र से मनुष्य को पवित्र करती हैं। आचार्य श्री ने बताया कि मां नर्मदा के दोनों तटों पर 60 करोड़ 60 तीर्थ है जो अत्यंत ही पुण्य दायक हैं, एवं मां नर्मदा के इन पुण्य पावन तट पर बड़े-बड़े ऋषि मुनि ने आकर के तप किया है और क्या कहा जाए साक्षात श्रीराम, श्रीकृष्णा, श्री हनुमान जी महाराज एवं समस्त देवताओं ने श्री शिव पार्वती ने भगवान लक्ष्मी नारायण ने मां नर्मदा की तट पर तपस्या की। हम सभी को भी जीवन में यदि कल्याण चाहिए तो निश्चित रूप से मां नर्मदा या आश्रय लेना चाहिए मां नर्मदा सब पर अत्यंत कृपा करती हैं। कथा के आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का हुजूम पहुंच रहा है।