रामभरोस विश्वकर्मा, मंडीदीप रायसेन
स्वामी विवेकानंद युवाओ के आदर्श है, जिन्होने उस दौर में भी जब अग्रेजों का बोलबाला था, तब विदेश में जाकर भारत का मान बढ़ाया, हमारी संस्कृति को आगे बढ़ाया। उपरोक्त बात सेवा समिति के अध्यक्ष जीवन सिंह पाल ने कही। वह नगर में सामजिक संस्था सेवा समिति द्वारा स्वामी विवेकांनद के शिकागो में हुए सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करने को 131 वर्ष पूर्ण होने पर बुधवार को संगोष्ठी के दौरान बोल रहे थे। सेवा समिति के सचिव अमित जैन ने बताया कि पटेल नगर स्थित संचेतना केन्द्र पर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें ब्रहमकुमारी मंजू दीदी, राजेश यादव, जितेन्द्र मैना, घनश्याम गोस्वामी, अचल जैन आदि ने शिकागो सम्मेलन के बारे में बताते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अपने अल्पकालीन समय में देश की संस्कृति व सहित्य को सहजने का कार्य किया। उनके आदर्श आज अपने जीवन में उतारने की आवश्कता है, क्योकि आज जिस प्रकार युवा पश्चात संस्कृति की ओर अग्रसर हो रहे है, उसे रोकने के लिए स्वामी विवेकानंद के आदर्शो की आवश्यकता है। तभी हम देश को परम वैभव की ओर ले जा सकते है। इस दौरान सेवा समिति व स्वामी विवेकानंद र्स्पोटस एकाडमी के कार्यकर्ता सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।