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सरकार का आदेश बेअसर, हाइवे पर अब भी लग रहा पशुओं का जमाबड़ा,बढ़ रही दुर्घटनाएं

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मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल विदिशा हाईवे 18 की सड़क पर गौ-वंश के समूहों के कारण आए दिन सड़क दुर्घटना हो रही है इसे रोकने के लिए कई जतन किए इसके बावजूद भी हर एक-दो दिन छोड़कर इस रोड पर गायों की मौत हो रही है आवारा गौ-वंशो की सींग में रेडियम की स्ट्रिप लगाई गई थी ताकि रात के अंधेरे में भी गौ-वंश की मौजूदगी पता चल सके और सड़क दुर्घटना को रोका जा सके। गौ-वंश के कारण सड़क दुर्घटना का शिकार लोग न हो सके और गौ-वंश भी सुरक्षित रहें। इसके बावजूद भी इस रोड पर गायों का मौत का सिलसिला नहीं रुक रहा है
शहर हो या गांव, सभी जगह गौ-वंश की दुर्दशा हो रही है। ऐसा कोई दिन नहीं बीतता जिस दिन गौ-वंश सड़क दुर्घटना का शिकार न हो, जिस दिन किसी गाय की तड़प-तड़प कर मौत न होती हो।


दुर्घटना में घायल गाय तड़प तड़प कर मर जाती है मगर उसको रखने वाला उसे देखने तक नहीं आता है इन सड़क दुर्घटनाओं का शिकार लोग भी हो रहे हैं। इन सड़क दुर्घटनाओ में लोग या तो घायल हो रहे हैं, या उनकी भी मौत हो रही है। हालात ये हैं, कि दुर्घटना में रोजाना गाय और इंसान की मौत हो रही है। बारिश के समय गाय सड़कों पर आ जाने के कारण दुर्घटनाओं में इजाफा हो गया है। एक सप्ताह से बालमपुर घाटी से लेकर त्रिमूर्ति चौराहा सलामतपुर तक कई पशुओं की मौत हो चुकी है। दुर्घटना में घायल गौवंश का इलाज करने कई जगह पशु चिकित्सालय है इसके बावजूद भी गायों का समय पर इलाज नहीं हो पाता है पशु चिकित्सालय मैं अधिकारी बैठ कर चले जाते हैं मगर सड़कों पर घायल पशुओं का इलाज करने की कोशिश नहीं करते हैं। अगर कोई व्यक्ति पशु चिकित्सक को फोन लगाकर कहता है कि वाहन ने गाय को टक्कर मार दी है तो उससे कहा जाता है की चार पांच व्यक्ति इकट्ठा कर लो इलाज कर देंगे। इसके बाद घंटों इंतजार करने के बाद भी पशु चिकित्सा घटनास्थल पर नहीं पहुंचते।
कई गौ-वंश ऐसे हैं, जिनके न रहने का ठिकाना है, न खाने-पीने का इंतजाम है। दीवानगंज ,अंबाडी, सेमरा, बालमपुर बैरखेड़ी सहित कई गांव के ग्रामीण पशुओं को दूध देते समय घर में बांध लेते हैं इसके बाद भगा देते हैं। बारिश के समय में गाय को पालने वाला व्यक्ति ही इन पर ध्यान नहीं देता है जिस कारण गाय खाने की तलाश में सड़कों, गलियों में भटकती रहती है। हर सड़क पर इसी वजह से जाम लगता है। गायों को बचाने के चक्कर में रोजाना कहीं ना कहीं एक्सीडेंट हो रहे हैं। इन दुर्घटनाओं में 2 से तीन गाय की मौत हो रही है, ये तो आम दिनों की बात है,बारिश के मौसम में रोजाना 2 से 4 गायों की मौत होती है गाय रखने वाले व्यक्ति जब तक गाय दूध देती है तब तक अपने पास रखते हैं इसके बाद आवारा छोड़ देते हैं जिससे यह आवारा गाय रोड पर घूमती है जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं अब तो किसानों ने अपने खेत में फसलें पकड़ने को हैं इन फसलों को बचाने के लिए किसान आवारा गायों को अपने खेत से भगा कर रोड पर कर देते हैं कई बार देखा जाता है कि किसान अपने खेत से जानवर को भगा देता है फिर दूसरा किसान उनको फिर भगा देता है जिससे गायों का रोज इधर से उधर आना जाना लगा रहता है। जबकि प्रशासन ने आदेश दिया है कि रोड पर पशुओं का जमावड़ा नहीं लगना चाहिए इसके बावजूद भी रोज रोड पर पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है जिससे वाहन चालक काफी परेशान हो रहे हैं

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