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जबलपुर के गढ़ा बाजार में सांड दुकान में घुसा, दो घायल; दो घंटे बाद भी नहीं पहुंचा हाका दल

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जबलपुर। घायल दुकानदारों को आनन-फानन में निजी क्लीनिक ले जाया गया, जहां उनकी हालत ठीक बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने सांड के पागल होने का अंदेशा जताते हुए नगर निगम के फायद ब्रिगेड को सूचना दी।

फायद ब्रिगेड के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और ये कहकर बैरंग लौट गए कि सांड पागल नहीं हुआ है मेटिंग के कारण हीट पर है। इसे नगर निगम की हाका गैंग ही पकड़ काबू कर सकती है। स्थानाीय लोगों ने हांका गैंग से संपर्क किया लेकिन घंटों बाद भी कोई नहीं पहुंचा।

सांड ने जिस तरह से कोहराम मचाया उसे देखकर लोग सहम गए

प्रत्यक्षदर्शी सर्पमित्र गजेंद्र दुबे ने बताया कि दोपहर करीब डेढ़ बजे गढ़ा बाजार में सांड ने जिस तरह से कोहराम मचाया उसे देखकर लोग सहम गए थे। सांड जब हीट पर था तब कुछ लोगों ने उससे छेड़छाड़ भी जिससे वे उग्र होकर हमला करने लगा। हालांकि एक घंटे बाद ही वह सामान्य हो गया। गढ़ा बाजार में बड़ी संख्या में बेससहारा मवेशी विचरण करते हैं जिसके कारण किसी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

राज्यपाल के आगमन के लिए रास्ता साफ करता रहा हाका दल

 

सांड करीब एक घंटे तक बाजार क्षेत्र में कोहराम मचाता रहा लोगों पर हमला कर घायल करता रहा पर नगर निगम का हाका दल सूचना मिलने के बाद भी नहीं पहुंचा। नगर निगम से सूचना मिली कि राज्यपाल मंगूभाई पटेल का जबलपुर आगमन हाे रहा है, लिहाजा जिस रास्ते से राज्यपाल गुजरेंगे वह रास्ता क्लीयर करने हाका दल वहां के मवेशी पकड़ता रहा ।

 

तिलवारा की अवनि विहार कालोनी में घुसा सात फीट का अजगर

 

अजगर मिट्टी की आलमारी के नीचे बैठा था। स्वजनों ने इसकी सूचना सर्पमित्र गजेंद्र दुबे को दी। सर्पमित्र ने अजगर को पकड़ कर जंगल में छोड़ दिया। सर्पमित्र ने बताया कि शास्त्री नगर स्थित अवनि विहार कालोनी निवासी प्रीतम सिंह कुलस्ते के घर में सुबह पांच बजे जब उनकी पुत्री वर्षा मार्निंग वॉक करने घर से बाहर निकल रही थी तभी उसने देखा कि मैन गेट से एक बड़ा भारी अजगर सांप घर के अंदर आकर मिट्टी की आलमारी में जाकर बैठ गया।

 

ज़हरीला नहीं होता है परंतु अगर एक बार जकड़ ले तो दम घोंट देता है

 

सात फीट लंबे अजगर को देख वे घबरा गई ओर अपने स्वजनों काे सूचना दी। स्वजनों ने अजगर को देखा तो दहशत से भर गए। उन्होंने वन विभाग के रेस्क्यू स्क्वाड को सूचना दी। वन विभाग द्वारा सूचना मिलने पर अजगर को पकड़ कर जंगल में छोड़ दिया गया।

अजगर का वैज्ञानिक नाम राक पायथन है।जो कि पहाड़ी और मिट्टी वाले स्थान पर पाया जाता है।ये ज़हरीला नहीं होता है परंतु अगर एक बार अपने शिकार को जकड़ लेता है तो दम घोंट देता है।

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