जबलपुर। हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय के संचालक, नर्सिंग को निर्देश दिए हैं कि गाडरवारा में पदस्थ नर्सिंग सिस्टर को जबलपुर की रिक्त सीट पर समायोजित करने पर निर्णय लें। न्यायमूर्ति विशाल धगटर की एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए उचित आदेश पारित करें। हाई कोर्ट ने इसके लिए 30 दिन की मोहलत दी।
24 नवंबर 2021 को नर्सिंग सिस्टर के पद का नाम बदलकर सीनियर नर्सिंग आफिसर कर दिया
याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी रेखा नामदेव कौशल की ओर से अधिवक्ता आदित्य संघी ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता वर्तमान में गाडरवारा में नर्सिंग सिस्टर के पद पर पदस्थ है। उन्होंने बताया कि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अवर सचिव ने 24 नवंबर 2021 को एक आदेश पारित कर नर्सिंग सिस्टर के पद का नाम बदलकर सीनियर नर्सिंग आफिसर कर दिया है।
जबलपुर में नर्सिंग सिस्टर 18 पद खाली, फिर भी कहा-कोई पद रिक्त नहीं
जबलपुर में नर्सिंग सिस्टर 18 पद खाली पड़े हैं। याचिकाकर्ता ने विभाग को अभ्यावेदन देकर उसे जबलपुर में समायोजित करने की मांग की थी। विभाग ने यह कहकर उसकी मांग ठुकरा दी कि जबलपुर में सीनियर नर्सिंग आफिसर का कोई पद रिक्त नहीं है।