जिला अतिथि शिक्षक संघ ने कलेक्ट्रेट पहुचकर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर को सोपा
रायसेन। मप्र अतिथि शिक्षक संघ के आव्हान पर पर रायसेन जिला अतिथि शिक्षक संघ ने कलेक्ट्रेट पहुचकर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर को सोपा।

ज्ञापन मे संघ ने मुख्यमन्त्री द्वारा अतिथि शिक्षक संघ म.प्र. की महापंचायत बुलाई थी। 02 सितम्बर अतिथि शिक्षक हित को ध्यान में रखते हुये आपने अतिथि शिक्षको की महापंचायत में जो घोषणा की है । उन्हे आचार सहिंता लगने से पूर्व आदेश जारी कर उन पर अमल करने की मांग की हे ।
अध्यापक संघ के अमित रिछारिया का कहना हे कि स्कूली शिक्षा विभाग में नियमित शिक्षकों की पदोन्नति या नई पोस्टिंग होने के बाद अतिथि अध्यापको को नौकरी से बाहर किया जा रहा हे। जबकि मुख्यमंत्री ने प्रत्येक स्कूल मे 50 प्रतिशत अतिथि शिक्षकों को रखने की बात कही थी।लेकिन आज अतिथि शिक्षकों को नौकरी से ही निकाला जा रहा हे।

ज्ञापन मे कहा गया हे कि अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर अतिथि शिक्षको को विभागीय परीक्षा का आयोजन जल्द से जल्द किया जायें । अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर अतिथि शिक्षको का 12 माह का अनुबंध किया जायें तथा वर्तमान में प्रमोशन तथा स्थानांतरण प्रक्रिया से अतिथि शिक्षको को बाहर न करते हुये रिक्त पदो में बरीयता के आधार पर रखा जायें।अनुभव और वरिष्ठता के अनुसार अतिथि शिक्षको को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जायें अनुभव एवं वरिष्ठता के आधार पर वोनस अंक दिये जायें ।अतिथि शिक्षको का एक वर्ष का अनुबंध सत्र 2023 2024 से ही माना जायें ।

अतिथि शिक्षक जो पदोन्नति या स्थानांतरण से बहार हुये है उन्हें पुनः नियुक्ति प्रदान करें। अध्यापक संघ ने कहा हे कियदि सरकार आचार सहिंता लगने से पूर्व उपरयुक्त सभी घोषणाओं के लिए आदेश जारी कर अमल नहीं करती तो हम 70 हजार अतिथि शिक्षको का जो भविष्य सुरक्षित करेगा हम उसका साथ देगे ।