डिजिटल सुशासन और आधुनिक जनसेवा पर हुआ मंथन
‘विकसित भारत’ के संकल्प को तकनीक से सिद्ध करेंगे जनसेवक: विधायक अनुज शर्मा
सुरेंद्र जैन धरसीवां
धरसीवां विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनुज शर्मा ने देश की राजधानी नई दिल्ली में ‘नेशन फर्स्ट पॉलिसी रिसर्च सेंटर’ (Nation First Policy Research Centre) द्वारा आयोजित द्वि-दिवसीय ‘वर्कशॉप फॉर लेजिस्लेटर्स’ (Workshop for Legislators) में सहभागिता की। इस विशेष कार्यशाला का आयोजन जनप्रतिनिधियों को आधुनिक गवर्नेंस टूल्स और डिजिटल संचार की बारीकियों से अवगत कराने के उद्देश्य से किया गया था।
कार्यशाला के मुख्य एजेंडे पर प्रकाश डालते हुए विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि Nation First Policy Research Centre’ द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का हिस्सा बनकर मुझे अत्यंत गर्व की अनुभूति हो रही है। हम एक ऐसे युग में हैं जहाँ तकनीक केवल विलासिता नहीं, बल्कि जनसेवा का सबसे सशक्त माध्यम बन चुकी है। हमारा ध्येय सदैव ‘राष्ट्र प्रथम’ रहा है। सुशासन का अर्थ ही यही है कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी के, बिना किसी बिचौलिये के सीधे जनता तक पहुँचे। तकनीक और सही संचार का यह संगम ही हमें ‘विकसित भारत’ के संकल्प को सिद्ध करने में सक्षम बनाएगा। आज के युग में तकनीक और सही संचार का संगम अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आधुनिक लोक प्रशासन उपकरणों के माध्यम से जनसेवा के कार्यों को अधिक प्रभावशाली, त्वरित और पारदर्शी बनाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन माध्यमों का कुशलतापूर्वक उपयोग कर जनता की समस्याओं को सदन और सरकार के समक्ष और भी मजबूती व तर्कों के साथ रखा जा सकेगा।श्री शर्मा ने कार्यशाला को अत्यंत लाभकारी बताते हुए कहा कि आधुनिक सुशासन के ये मंत्र धरसीवां क्षेत्र के विकास और जन-सरोकारों को सुलझाने में मील का पत्थर साबित होंगे। डिजिटल माध्यमों से हम सीधे अपने धरसीवां क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति तक जुड़ सकते हैं। जब शासन में तकनीक का समावेश होता है, तब पारदर्शिता आती है और भ्रष्टाचार के रास्ते बंद होते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विधायक श्री शर्मा ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री श्री तरुण चुघ जी एवं अन्य वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारियों से आत्मीय भेंट की। इस शिष्टाचार मुलाकात के दौरान विभिन्न संगठनात्मक विषयों, क्षेत्रीय विकास की योजनाओं और आगामी सांगठनिक कार्यक्रमों पर विस्तार से विचार-साझा किए गए।
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में छत्तीसगढ़ प्रदेश के अन्य विधायक गण भी उपस्थित रहे, जिन्होंने आधुनिक विधायी प्रक्रियाओं और जनभागीदारी को बढ़ावा देने वाले तकनीकी टूल्स पर विशेषज्ञों के साथ चर्चा की।