– पहले दो डॉक्टर थे एक के नहीं आने पर दूसरा मरीजों को संभाल लेता था
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दीवानगंज में सोमवार से शनिवार तक लगातार छह दिनों से डॉक्टर के अभाव में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार केंद्र पर पदस्थ डॉक्टर पलक पटेरिया अवकाश पर होने के कारण उपचार व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दीवानगंज से लगभग 50 गांव जुड़े हुए हैं, जहां के ग्रामीण छोटे-बड़े रोगों के उपचार के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर रहते हैं। डॉक्टर की अनुपस्थिति के चलते मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ रहा है या फिर मजबूरन निजी चिकित्सकों के यहां महंगा इलाज कराना पड़ रहा है, जिससे गरीब वर्ग पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने से स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो जाती हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी डॉक्टर की पदस्थापना की जाए, ताकि ग्रामीणों को समय पर उपचार मिल सके और उन्हें इधर-उधर भटकना न पड़े।
अरुण सेन, मुकेश लोधी, मुकेश साहू, संजय साहू, छत्रपाल साहू, पूरन साहू, राकेश कुशवाह, अमर सिंह मीणा, सहित कई आदि स्थानीय लोगों ने बताया कि
पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दो डॉक्टर पदस्थ थे, जिससे एक डॉक्टर के अनुपस्थित रहने पर भी दूसरे डॉक्टर द्वारा मरीजों का उपचार हो जाता था। लेकिन वर्तमान में केवल एक ही डॉक्टर पदस्थ है। उनके अवकाश पर जाने के बाद अस्पताल में आने वाले मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी रूप से कम से कम दो डॉक्टर पदस्थ किए जाएं, ताकि किसी एक के अवकाश पर रहने पर भी स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों और ग्रामीणों को समय पर उपचार मिल सके।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही डॉक्टरों की व्यवस्था नहीं की गई तो वे संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
इनका कहना हे
मैं अपनी पुत्री को लेकर दो बार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गया था लेकिन दोनों ही बार डॉक्टर नहीं मिला जिससे मुझे प्राइवेट इलाज करना पड़ा।
मुकेश साहू स्थानीय निवासी दीवानगंज
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हमेशा ही यह स्थिति बनी रहती है मरीजों को प्राइवेट डॉक्टर के पास जाना पड़ रहा है। जिससे गरीब तबके के लोग परेशान होते रहते हैं। दीवानगंज अस्पताल में 24 घंटे डॉक्टर उपलब्ध रहना चाहिए। 24 घंटे तो छोड़ो यहां 8 घंटे भी डॉक्टर समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
मोनू साहू स्थानीय निवासी